Wed. Oct 7th, 2026

तीन दिन से स्कूल बस बंद, बारिश में भीगते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे मासूम

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तीन दिन से स्कूल बस बंद, बारिश में भीगते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे मासूम

सांदीपनी स्कूल की बस गांव नहीं पहुंचने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित, सरकारी दावों और प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

खिरकिया। बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर सरकार भले ही बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इन दावों की पोल खोल देती है। खिरकिया क्षेत्र में सांदीपनी स्कूल की बस पिछले तीन दिनों से ग्राम कालधड, पड़वा, गांव नहीं पहुंचने के कारण नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए कि लगातार बारिश के बीच छोटे-छोटे बच्चे अपनी समस्या लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचने को मजबूर हो गए। बारिश में भीगते हुए बच्चों का प्रशासनिक कार्यालय पहुंचना व्यवस्था के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। जिन मासूमों के हाथों में किताबें और स्कूल बैग होने चाहिए, उन्हें अपनी मूलभूत सुविधा के लिए अधिकारियों के दरवाजे तक पहुंचना पड़ रहा है।

सरकार के शिक्षा संबंधी दावों पर सवाल

सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित आवागमन और सुविधाजनक शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने की बात करती है। योजनाओं और घोषणाओं में बच्चों के हित को प्राथमिकता देने के दावे भी किए जाते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यदि स्कूल बस जैसी आवश्यक सुविधा ही लगातार तीन दिनों तक उपलब्ध नहीं होती, तो इन दावों की वास्तविकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए स्कूल तक पहुंचना केवल पढ़ाई का विषय नहीं, बल्कि सुरक्षा से भी जुड़ा मामला है। बारिश के मौसम में छोटे बच्चों को वैकल्पिक साधनों से स्कूल भेजना अभिभावकों के लिए चिंता का कारण बन रहा है।

प्रशासन आखिर कब जागेगा?

सबसे बड़ा सवाल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है। यदि तीन दिनों से बस सेवा बाधित है तो संबंधित विभाग और स्कूल प्रबंधन के बीच समन्वय क्यों नहीं हुआ? बच्चों को अपनी समस्या लेकर एसडीएम कार्यालय तक पहुंचने की नौबत क्यों आई? क्या प्रशासन को समस्या की जानकारी बच्चों के कार्यालय पहुंचने के बाद ही मिलेगी? बारिश में मासूम बच्चों का एसडीएम कार्यालय पहुंचना इस बात का संकेत है कि जिम्मेदार तंत्र की निगरानी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ज्ञापन सौंपकर तत्काल बस शुरू कराने की मांग

विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर स्कूल बस सेवा तत्काल बहाल कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बस सेवा नियमित नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं बारिश के मौसम में छोटे बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मासूमों की परेशानी को गंभीरता से लेने की जरूरत

यह मामला केवल एक स्कूल बस के संचालन का नहीं है, बल्कि उन बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ा है, जिनके भविष्य को लेकर सरकार और प्रशासन लगातार प्रतिबद्धता जताते हैं। ऐसे में अब आवश्यकता है कि अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि मौके की वास्तविक स्थिति को समझते हुए तत्काल समाधान करें।

बच्चों को अपनी समस्या बताने के लिए बारिश में एसडीएम कार्यालय तक पहुंचना पड़े—यह निश्चित रूप से प्रशासन और व्यवस्था के लिए आत्ममंथन का विषय है। अब देखना होगा कि बच्चों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के बाद प्रशासन कितनी गंभीरता दिखाता है और बस सेवा कब तक सुचारू होती है।

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