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महाकाल सेना कावड़ यात्रा का लगातार 10वां वर्ष आज अखंड भारत एवं प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ निकलेगी भव्य कावड़ यात्रा

महाकाल सेना कावड़ यात्रा का लगातार 10वां वर्ष
आज अखंड भारत एवं प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ निकलेगी भव्य कावड़ यात्रा
24 अगस्त को सुबह 10 बजे श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से होगी यात्रा की शुरुआत
खिरकिया। भगवान शिव के प्रति आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण के उद्देश्य से महाकाल सेना सेवा समिति, महाकाल चौक खिरकिया द्वारा लगातार 10वें वर्ष महाकाल सेना कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष कावड़ यात्रा को अखंड भारत एवं प्रकृति संरक्षण के संकल्प को समर्पित किया गया है। यात्रा को लेकर शिवभक्तों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजकों के अनुसार महाकाल सेना कावड़ यात्रा 24 अगस्त, सोमवार को सुबह 10 बजे प्रारंभ होगी। यात्रा की शुरुआत श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, चौकड़ी रोड से होगी। यहां से कावड़ यात्रा महाकाल चौक, मेन रोड होते हुए गुप्तेश्वर मंदिर चारूवा के लिए प्रस्थान करेगी।
श्रद्धा और आस्था के साथ शामिल होंगे शिवभक्त
कावड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों के शामिल होने की उम्मीद है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान महादेव के जयकारों के साथ आगे बढ़ेंगे। जय श्री महाकाल हर हर महादेव’ के जयघोष से यात्रा मार्ग भक्तिमय होने की संभावना है। महाकाल सेना सेवा समिति ने क्षेत्र के सभी शिवभक्तों से कावड़ यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है। समिति के शिव भक्तों ने कहा कि भगवान शिव की भक्ति और सनातन परंपरा से जुड़ने का यह अवसर सभी श्रद्धालुओं के लिए विशेष है। शिवभक्तों से यात्रा में सहभागी बनकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की गई है।
प्रकृति संरक्षण का भी दिया जाएगा संदेश
इस वर्ष यात्रा को प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जोड़ना आयोजन की विशेषता है। आयोजकों का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ समाज में प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाना भी है। वहीं अखंड भारत के संकल्प के माध्यम से राष्ट्रप्रेम और सामाजिक एकता का संदेश दिया जाएगा।
लगातार दस वर्षों से आयोजित हो रही यात्रा
महाकाल सेना द्वारा आयोजित यह कावड़ यात्रा लगातार 10वें वर्ष आयोजित की जा रही है। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा ने क्षेत्र के शिवभक्तों के बीच अपनी विशेष पहचान बनाई है। हर वर्ष श्रद्धालु उत्साहपूर्वक यात्रा में शामिल होकर भगवान महाकाल के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं।

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