हरदा। माचक उपनहर के टेल क्षेत्र में सिंचाई पानी नहीं मिलने से किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल सूखने की कगार पर पहुंचने के बाद सारसूद, बावड़ियां, जूनापानी, पड़वा, तारापुर, पहेट और छीपाबड़ सहित आसपास के गांवों के किसान पिछले दो दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। शुक्रवार को टिमरनी कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की समस्याएं सुनीं। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में मौजूद किसानों ने विधायक को बताया कि माचक उपनहर में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे हजारों एकड़ में बोई गई मूंग की फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही और असमान जल वितरण के कारण टेल क्षेत्र तक पानी नहीं पहुंच रहा।
विधायक अभिजीत शाह ने धरना स्थल पर ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर तत्काल पानी छोड़ने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि दिन रविवार को रात्री तक नहर मे पानी आ जायगा है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की फसल खराब हुई तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। विधायक ने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत कर फसल तैयार करता है और यदि समय पर पानी नहीं मिला तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे स्वयं किसानों के साथ आंदोलन को और उग्र करेंगे। विधायक ने प्रशासन से मांग की कि माचक उपनहर में नियमित और पर्याप्त पानी छोड़ा जाए ताकि टेल क्षेत्र के किसानों को राहत मिल सके।
धरने पर बैठे किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि जब तक उपनहर में पानी नहीं छोड़ा जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि लगातार दो दिनों से धरना देने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। धरना प्रदर्शन में क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि पानी वितरण की निगरानी की जाए और टेल क्षेत्र के किसानों के साथ हो रहे भेदभाव को रोका जाए। इलाके में बढ़ती गर्मी और पानी की कमी के चलते किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
