रेलवे गेट पर जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही महिला
रेलवे गेट बंद था, परिजन गोद में उठाकर मदद के लिए भागते रहे — खिरकिया में ओवरब्रिज की जरूरत फिर सामने आई
खिरकिया। सोमवार शाम खिरकिया रेलवे गेट पर सामने आया एक घटनाक्रम शहर की वर्षों पुरानी समस्या को फिर उजागर कर गया। रेलवे गेट बंद होने के दौरान एक महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह जिंदगी और मौत के बीच जूझती नजर आई। परिजन महिला को गोद में उठाकर उपचार एवं मदद के लिए इधर-उधर भागते रहे, लेकिन रेलवे गेट काफी देर तक बंद रहा।
घटना के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि रेलवे गेट बंद होने के कारण समय पर आवागमन में परेशानी हुई। महिला की स्थिति को देखते हुए परिजन उसे लेकर परेशान नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों में भी इस बात को लेकर नाराजगी दिखाई दी कि रेलवे गेट बंद होने की स्थिति में आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों और एंबुलेंस को भी कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हर बार उठता है एक ही सवाल—आखिर स्थायी समाधान कब?
खिरकिया में रेलवे गेट के कारण लगने वाला जाम कोई नई समस्या नहीं है। ट्रेन के आवागमन के समय गेट बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चे, नौकरीपेशा लोग, किसान, व्यापारी और आम नागरिक प्रभावित होते हैं। सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है, जब इसी जाम में एंबुलेंस या किसी मरीज का वाहन फंस जाता है।
सोमवार की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर खिरकिया की जनता को रेलवे गेट की समस्या से स्थायी निजात कब मिलेगी?
ओवरब्रिज की मांग अब सिर्फ सुविधा नहीं, जरूरत
खिरकिया शहर के लिए रेलवे ओवरब्रिज की मांग लंबे समय से उठती रही है। नागरिकों का कहना है कि ओवरब्रिज केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि हजारों लोगों की सुरक्षा, समय और आपातकालीन परिस्थितियों से जुड़ा महत्वपूर्ण समाधान है।
रेलवे गेट बंद होने के दौरान वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बनती है। इस कारण कई बार लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। वहीं मरीजों और एंबुलेंस के लिए यह परेशानी और भी गंभीर हो जाती है।
क्या प्रभावशाली लोगों के लिए भी यही स्थिति रहती?
घटना के बाद शहर में यह सवाल भी चर्चा में रहा कि यदि ऐसी स्थिति किसी बड़े व्यापारी, प्रभावशाली व्यक्ति या रसूखदार परिवार के साथ होती तो क्या मामला इतनी आसानी से शांत रहता? आम नागरिकों का कहना है कि सड़क, रेलवे गेट और यातायात से जुड़ी समस्याओं का समाधान किसी व्यक्ति विशेष के प्रभाव के आधार पर नहीं, बल्कि पूरे शहर की जरूरत को देखते हुए होना चाहिए।
जनता को चाहिए स्थायी समाधान
नागरिकों की मांग है कि रेलवे गेट की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शासन-प्रशासन एवं संबंधित विभाग खिरकिया में रेलवे ओवरब्रिज की दिशा में ठोस पहल करें। बार-बार गेट बंद होने और जाम की समस्या से शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए दीर्घकालीन समाधान जरूरी है।
अब सवाल यह है कि खिरकिया कब तक रेलवे गेट के भरोसे चलेगा?
क्या शहर की जनता इसी तरह जाम, परेशानी और आपातकालीन स्थिति में रास्ता तलाशती रहेगी, या इस बार खिरकिया के लिए रेलवे ओवरब्रिज का स्थायी समाधान सामने आएगा?
रेलवे गेट पर जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही महिला रेलवे गेट बंद था, परिजन गोद में उठाकर मदद के लिए भागते रहे — खिरकिया में ओवरब्रिज की जरूरत फिर सामने आई
