तीन साल से फरार था अनिल माणिक हत्याकांड का मुख्य आरोपी, SIT ने दबोचा
धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल ससुराल में छिपकर रह रहा था, रातातलाई में पुलिस ने दी दबिश; न्यायालय में पेश कर भेजा जेल
हरदा। जिले के बहुचर्चित एवं जघन्य अनिल माणिक हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल को आखिरकार हरदा पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए गोपनीय रूप से अपनी ससुराल में छिपकर रह रहा था। पुलिस को मिली पुख्ता सूचना के बाद योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर उसे ग्राम रातातलाई, थाना हंडिया क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
यह महत्वपूर्ण कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हरदा श्री शशांक के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित मिश्रा के निर्देशन में की गई। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित विशेष जांच दल का नेतृत्व अनुविभागीय अधिकारी पुलिस टिमरनी आकांक्षा तलया द्वारा किया गया।
जनवरी 2023 में सामने आया था जघन्य हत्याकांड
पुलिस के अनुसार थाना टिमरनी क्षेत्र में जनवरी 2023 में घटित इस मामले में अपराध क्रमांक 13/2023 दर्ज किया गया था। प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201, 120-बी तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया था।
हत्याकांड के बाद से मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस द्वारा उसकी लगातार तलाश की जा रही थी।
गोपनीय सूचना बनी गिरफ्तारी की वजह
30 अगस्त 2026 को हरदा पुलिस को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि उक्त प्रकरण का मुख्य आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धर्मू पटेल अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए ग्राम रातातलाई स्थित अपनी ससुराल में छिपकर रह रहा है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसआईटी ने बिना समय गंवाए कार्रवाई की योजना बनाई। SDOP टिमरनी आकांक्षा तलया के नेतृत्व में पुलिस टीम संभावित स्थान पर पहुंची और ग्राम रातातलाई में दबिश दी। पुलिस की योजनाबद्ध एवं समन्वित कार्रवाई के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
35 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने संभाला मोर्चा
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित एसआईटी में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शामिल किया गया था। टीम में 03 निरीक्षक स्तर के अधिकारी, 05 उप निरीक्षक, 04 सहायक उप निरीक्षक, 08 प्रधान आरक्षक एवं 15 आरक्षक शामिल रहे।
पुलिस टीम ने आपसी समन्वय और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम देते हुए लंबे समय से फरार आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस द्वारा आरोपी को माननीय न्यायालय हरदा के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया जा रहा है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को हरदा पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी से बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
आरोपी की गिरफ्तारी में SDOP आकांक्षा तलया, निरीक्षक रामप्रसाद कवरेती, रोशनलाल भारती एवं निकिता विल्सन सहित उप निरीक्षक प्रकाश सोलंकी, मानवेन्द्र भदौरिया, पुरुषोत्तम गौर, अशोक अहिरवार एवं अजय रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इसके अलावा सहायक उप निरीक्षक हेरंब पांडेय, महेश टेकाम, जितेंद्र राजपूत, चंदन शाह एवं विनोद रघुवंशी, प्रधान आरक्षक तुषार धनगर, दीपक जाट, बुदेश जोठे, नितेन्द्र, हरिप्रसाद, हरिओम, नितेश, रत्नेश, शिवराम एवं निलेश तथा आरक्षक शैलेंद्र, प्रदीप, मुकेश, वीरेंद्र, एकता, कल्पना, जया एवं सलोनी सहित सैनिक जितेंद्र और कोर्ट मुंशी सुमेर की भी कार्रवाई में सराहनीय भूमिका रही।
जघन्य अपराधों के फरार आरोपियों पर पुलिस की पैनी नजर
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही हरदा पुलिस ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि गंभीर एवं जघन्य अपराधों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार सक्रिय है। गोपनीय सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई, टीम वर्क और योजनाबद्ध रणनीति के माध्यम से पुलिस ने लंबे समय से फरार आरोपी को कानून के शिकंजे में पहुंचाया है।
