लोक अदालत में 305 प्रकरणों का निराकरण, 13.16 लाख से अधिक की वसूली
पति-पत्नी के आपसी विवाद का भी समझाइश से हुआ समाधान, साथ रहने पर बनी सहमति
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हरदा खिरकिया। उच्च न्यायालय एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार व्यवहार न्यायालय खिरकिया में शनिवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ व्यवहार न्यायाधीश मोहित श्रीवास्तव द्वारा किया गया। लोक अदालत में प्री-लिटिकेशन के 173 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिनमें 5,97,490 रुपये की वसूली की गई। वहीं 132 न्यायालयीन प्रकरणों में राजीनामा कराते हुए 7,18,670 रुपये की वसूली की गई। इस प्रकार लोक अदालत में कुल 305 प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा कुल 13,16,160 रुपये की वसूली की गई।
समझाइश से टूटा विवाद, फिर साथ रहने को हुए राजी
लोक अदालत के दौरान ग्राम पड़वा निवासी पति-पत्नी के बीच चल रहे आपसी विवाद को भी समझाइश एवं आपसी सहमति के माध्यम से समाप्त कराया गया। न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों को समझाइश दी गई, जिसके बाद पति-पत्नी ने आपसी मतभेद समाप्त कर साथ-साथ रहने पर सहमति जताई। इस पहल से परिवार को टूटने से बचाने की दिशा में लोक अदालत की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई। लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण एवं पक्षकारों के बीच समझौता कराने के लिए अधिवक्ताओं ने भी महत्वपूर्ण प्रयास किए। इस अवसर पर खिरकिया अभिभाषक संघ के अध्यक्ष संजय पाराशर, उपाध्यक्ष सपना भैसारे, सचिव रजनीकांत शर्मा, अधिवक्ता मनीष तिवारी, लवकेश खंडेल, जी.एस. राय, नितेश ठाकुर, उदित पाराशर, भूपेंद्र वर्मा एवं जितेंद्र राजपूत सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे और प्रकरणों में समझौते के लिए पक्षकारों को प्रेरित किया। लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण होने से पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली।
