ज्ञापन के बावजूद दूसरे दिन भी नहीं पहुंची स्कूल बस
हरदा-खंडवा स्टेट हाईवे पर बैठने को मजबूर हुए मासूम, कांग्रेस नेता आशुतोष कोठारी ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को समझाया
हरदा खिरकिया। संदीपनी स्कूल की बस सेवा लगातार दूसरे दिन भी गांव नहीं पहुंचने से स्कूली बच्चों और अभिभावकों की परेशानी कम होने के बजाय और बढ़ गई। एक दिन पहले ही बच्चों और अभिभावकों ने बारिश के बीच एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए बस सेवा तत्काल शुरू कराने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बावजूद दूसरे दिन भी बस गांव नहीं पहुंची। इससे नाराज और परेशान बच्चे हरदा-खंडवा स्टेट हाईवे पर बैठने को मजबूर हो गए।
मामले की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशुतोष कोठारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हाईवे पर बैठे बच्चों से बातचीत कर उनकी परेशानी सुनी और उन्हें समझाइश देकर सड़क से हटाया। बच्चों को समझाते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और अपनी मांग को लेकर इस तरह व्यस्त हाईवे पर बैठना जोखिम भरा हो सकता है।
ज्ञापन के बाद भी नहीं हुआ समाधान
बताया जा रहा है कि संदीपनी स्कूल की बस पिछले कई दिनों से संबंधित गांव में नहीं पहुंच रही है। बस सेवा बंद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बुधवार को बारिश के बीच बच्चे अपनी समस्या लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बस सेवा शुरू कराने की मांग की थी। उम्मीद थी कि प्रशासन और स्कूल प्रबंधन मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान करेंगे, लेकिन अगले दिन भी बस नहीं पहुंचने से बच्चों में नाराजगी देखने को मिली।
मासूमों की सुरक्षा पर उठे सवाल
बस सेवा का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंचाना है, लेकिन लगातार बस नहीं आने के कारण बच्चों को वैकल्पिक साधनों या अन्य जोखिम भरे तरीकों से स्कूल जाने की मजबूरी बन रही है। वहीं, बारिश के मौसम में सड़क पर खड़े होकर बस का इंतजार करना भी बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बच्चों ने प्रशासन के सामने पहुंचकर अपनी समस्या बता दी और लिखित ज्ञापन भी सौंप दिया, तो उसके बाद भी व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं हुआ? क्या प्रशासन और स्कूल प्रबंधन के बीच समन्वय की कमी के कारण मासूम बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है?
हाईवे पर बच्चों का बैठना बना गंभीर चिंता का विषय
दूसरे दिन जब बस नहीं पहुंची तो बच्चों ने हरदा-खंडवा स्टेट हाईवे पर बैठकर अपनी नाराजगी जताई। व्यस्त मार्ग पर बच्चों के बैठने की सूचना मिलते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशुतोष कोठारी मौके पर पहुंचे और बच्चों को समझाया। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे सड़क से हटें और अपनी समस्या को उचित माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाएं।
बच्चों के हाईवे पर बैठने की घटना ने एक बार फिर उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचता तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से तत्काल बस सेवा शुरू कराने की मांग
अभिभावकों और ग्रामीणों ने प्रशासन तथा स्कूल प्रबंधन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल बस सेवा तत्काल बहाल की जाए, ताकि बच्चों को बारिश में परेशान न होना पड़े और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित न हो। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजना उनकी मजबूरी है, लेकिन यदि स्कूल की बस नियमित रूप से नहीं आती तो बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? अब देखना यह है कि ज्ञापन के बावजूद दूसरे दिन भी बस नहीं पहुंचने के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और बच्चों को कब तक नियमित बस सेवा उपलब्ध हो पाती है।
इनका कहना
हमारे द्वारा उच्च अधिकारी को अवगत किया जा चुका है जल्द ही व्यवस्थाओं मे सुधार किया जायगा।
रजनी वर्मा, एसडीएम खिरकिया
