हरदा खिरकिया । देशभर के खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं के पंजीकृत संगठन के आह्वान पर सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को कृषि आदान व्यापारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के निराकरण को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। इस दौरान व्यापारियों ने एकजुट होकर स्थानीय प्रशासन के माध्यम से अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। व्यापारियों ने बताया कि यह संगठन देशभर के लगभग 5 लाख व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है, जो पिछले 10 वर्षों से लगातार विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कई बार केंद्र एवं राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देने और निवेदन करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है, जिससे व्यापारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। ज्ञापन में व्यापारियों ने प्रमुख रूप से खाद, बीज और कीटनाशक से जुड़े व्यवसाय में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों और नीतिगत विसंगतियों को उजागर किया।
जबरन लिंकिंग पर रोक लगाने की मांग
व्यापारियों ने कहा कि उर्वरक निर्माता कंपनियों द्वारा सब्सिडी वाले खाद के साथ गैर-जरूरी एवं अनुपयोगी उत्पादों की जबरन लिंकिंग की जा रही है। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि इस प्रकार की जबरन लिंकिंग को अपराध घोषित किया जाए और उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर पूरे देश में इस पर प्रतिबंध लगाया जाए।
फोर आपूर्ति व्यवस्था लागू करने की मांग
ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में कंपनियों द्वारा यूरिया सहित अन्य उर्वरकों की डिलीवरी रेल-हेड तक ही दी जा रही है, जिससे डीलरों को अतिरिक्त परिवहन खर्च उठाना पड़ता है। प्रति बैग 40 से 50 रुपये तक का अतिरिक्त भार पड़ रहा है। व्यापारियों ने मांग की कि खाद की आपूर्ति सीधे डीलर के बिक्री केंद्र तक सुनिश्चित की जाए।
डीलर मार्जिन बढ़ाने की मांग
बढ़ती महंगाई और संचालन लागत को देखते हुए व्यापारियों ने उर्वरकों पर मिलने वाले डीलर मार्जिन को बढ़ाकर कम से कम 8 प्रतिशत करने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान मार्जिन में व्यवसाय संचालन करना कठिन होता जा रहा है।
साथी पोर्टल में राहत की मांग
ग्रामीण क्षेत्र के खुदरा व्यापारियों ने ‘साथी पोर्टल की अनिवार्यता को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तकनीकी जटिलताओं के कारण छोटे व्यापारी परेशान हो रहे हैं। इस पोर्टल को खुदरा विक्रेताओं के लिए वैकल्पिक बनाया जाए और इसकी अनिवार्यता केवल निर्माताओं एवं थोक विक्रेताओं तक सीमित रखी जाए।
प्रशासन से शीघ्र समाधान की अपेक्षा
व्यापारियों ने ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आगामी समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों तक पहुंचाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
एकजुट दिखे व्यापारी
हड़ताल के दौरान क्षेत्र के सभी कृषि आदान व्यापारी एकजुट नजर आए। व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखकर उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखा और प्रशासन के प्रति सहयोगात्मक रुख अपनाया। इस दोरान लक्ष्मीकांत हेडा विवेक जैन परशराम भाटी भरत हेडा पंकज अग्रवाल राजू महिवाल अशोक राजपूत सहित नगर के अन्य व्यापारीगण मौजूद थे।
