Wed. Oct 7th, 2026

ऑपरेशन के लिए जुटाए 4.36 लाख, भरोसे के केयर-टेकर ने ही कर दिया खातों से खेल

ऑपरेशन के लिए जुटाए 4.36 लाख, भरोसे के केयर-टेकर ने ही कर दिया खातों से खेल
हरदा के एएसआई गायाप्रसाद दुबे के इलाज के लिए रखी रकम धीरे-धीरे दूसरे खाते में होती रही ट्रांसफर, बैंक-एटीएम का पासवर्ड भी केयर-टेकर के पास था
नर्मदापुरम में करीब आठ महीने बाद खुला राज, देहात थाने में अमानत में खयानत का मामला दर्ज
हरदा। इलाज के लिए जमा की गई जीवनभर की कमाई और ऑपरेशन के लिए जुटाई गई रकम पर भरोसेमंद व्यक्ति द्वारा ही हाथ साफ कर दिए जाने का मामला सामने आया है। हरदा कोतवाली में पदस्थ एएसआई गायाप्रसाद दुबे के साथ कथित तौर पर हुई इस धोखाधड़ी का खुलासा उस समय हुआ, जब वे अपने ऑपरेशन के लिए अस्पताल में राशि जमा कराने बैंक पहुंचे। खाते में अपेक्षित रकम नहीं मिलने पर उन्हें पूरे मामले की जानकारी हुई। इसके बाद करीब आठ महीने तक चले घटनाक्रम के बाद नर्मदापुरम के देहात थाने में केयर-टेकर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मामले में आरोप है कि एएसआई गायाप्रसाद दुबे के इलाज और ऑपरेशन के लिए बैंक खाते में रखी गई रकम को उनके घर पर केयर-टेकर के रूप में काम करने वाले सोनू प्रजापति ने धीरे-धीरे अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। आरोपों के मुताबिक बैंक-एटीएम और मोबाइल से संबंधित जानकारी भी केयर-टेकर के पास थी। पीड़ित के अनुसार ऑपरेशन के लिए जमा रकम जब जरूरत के समय खाते में नहीं मिली तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
एक हादसे ने बदल दी जिंदगी, दूसरों के सहारे चल रही थी देखरेख
जानकारी के अनुसार एएसआई गायाप्रसाद दुबे 24 अगस्त 2025 को एक सड़क हादसे का शिकार हुए थे। दुर्घटना में उनके दाहिने पैर के कूल्हे तथा बाएं जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था। इसके बाद 4 नवंबर 2025 को उनके कूल्हे की हड्डी दोबारा डिसलोकेट हो गई।
लगातार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते उन्हें दूसरों के सहारे की जरूरत पड़ने लगी। परिवार की ओर से उनकी देखरेख के लिए केयर-टेकर की व्यवस्था की गई। इसी दौरान उन्हें नर्मदापुरम की बांके बिहारी कॉलोनी में रखा गया, जहां वे 19 नवंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक रहे।
बताया गया कि भोपाल की मल्टी होम केयर सर्विस के माध्यम से विदिशा निवासी सोनू प्रजापति को केयर-टेकर के रूप में रखा गया था। जिम्मेदारी मिलने के बाद सोनू को एएसआई की रोजमर्रा की जरूरतों और बैंकिंग संबंधी कुछ जानकारियों तक भी पहुंच मिल गई।
बैंक-एटीएम का पासवर्ड भी केयर-टेकर के पास था
पीड़ित एएसआई के अनुसार केयर-टेकर सोनू प्रजापति ही बैंक, एटीएम और मोबाइल का इस्तेमाल करता था। ऑपरेशन के लिए एएसआई ने अपने SBI खाते में करीब 4.50 लाख रुपए जोड़कर रखे थे। इस रकम की जानकारी भी उन्होंने सोनू को दी थी।
आरोप है कि 20 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच सोनू ने धीरे-धीरे उक्त खाते से रकम निकालकर अपने PNB खाते में ट्रांसफर कर ली। इस तरह कुल 4 लाख 36 हजार रुपए खाते से निकाल लिए गए।
शुरुआत में एएसआई को इस बात की भनक तक नहीं लगी। वे यह मानकर चल रहे थे कि ऑपरेशन के लिए आवश्यक रकम बैंक खाते में सुरक्षित रखी हुई है।
AIIMS भोपाल में ऑपरेशन के लिए पैसे जमा करने पहुंचे तो खुला राज
मामले का खुलासा 8 जनवरी 2026 को हुआ। एएसआई गायाप्रसाद दुबे को AIIMS भोपाल में हिप रिप्लेसमेंट ऑपरेशन के लिए पैसे जमा कराने थे। जब वे इस उद्देश्य से बैंक खाते की राशि की व्यवस्था करने पहुंचे तो खाते में अपेक्षित रकम नहीं मिली।
खाते में रकम कम देखकर वे हैरान रह गए। बैंक संबंधी लेन-देन की जानकारी खंगालने पर सामने आया कि खाते से बड़ी राशि अलग-अलग तरीके से दूसरे खाते में ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई कथित धोखाधड़ी का पता चला।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने केयर-टेकर सोनू प्रजापति से इस संबंध में पूछताछ की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
करीब आठ महीने बाद थाने पहुंची शिकायत
खाते से रकम निकाले जाने का मामला सामने आने के बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। जानकारी के अनुसार 7 अगस्त को एएसआई गायाप्रसाद दुबे ने नर्मदापुरम के देहात थाने में शिकायत दी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि केयर-टेकर सोनू प्रजापति ने उनकी बीमारी और असहाय स्थिति का फायदा उठाते हुए उनके बैंक खाते से रकम अपने खाते में ट्रांसफर की। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद सोनू प्रजापति के खिलाफ अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज किया है।
देहात थाना प्रभारी ऊषा मरावी के अनुसार शिकायतकर्ता गायाप्रसाद दुबे एएसआई हैं। उनकी शिकायत पर केयर-टेकर सोनू प्रजापति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
भरोसे के व्यक्ति पर बैंकिंग जानकारी देने का खामियाजा
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आ रही है कि पीड़ित की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के दौरान उनकी देखरेख के लिए जिस व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपी गई, उसी पर बैंकिंग संबंधी जानकारी के दुरुपयोग का आरोप लगा है।
एएसआई गायाप्रसाद दुबे दुर्घटना के बाद शारीरिक रूप से परेशान थे और अपने इलाज के लिए दूसरों पर निर्भर थे। ऐसे समय में केयर-टेकर को घर, अस्पताल और रोजमर्रा की जरूरतों से संबंधित कई जिम्मेदारियां दी गई थीं। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर बैंक खाते से रकम दूसरे खाते में स्थानांतरित की जाती रही।
बताया गया कि रकम एक साथ नहीं, बल्कि धीरे-धीरे ट्रांसफर की गई, जिसके कारण तत्काल इस बात की जानकारी नहीं हो सकी।
ऑपरेशन की रकम थी, जरूरत के वक्त खाते में नहीं मिली
पीड़ित के लिए यह रकम महज बैंक बैलेंस नहीं थी, बल्कि गंभीर बीमारी के इलाज और हिप रिप्लेसमेंट ऑपरेशन के लिए जुटाई गई राशि थी। दुर्घटना के बाद इलाज पर लगातार खर्च हो रहा था और आगे होने वाले ऑपरेशन के लिए भी पैसे की जरूरत थी।
ऐसे में जब अस्पताल में ऑपरेशन के लिए राशि जमा कराने का समय आया और खाते में पैसे नहीं मिले तो परिवार के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई। इसके बाद बैंक खाते के लेन-देन की जानकारी सामने आने पर कथित तौर पर रकम के ट्रांसफर का पूरा मामला सामने आया।
पुलिस जांच में सामने आएंगे ट्रांजेक्शन के पूरे तथ्य
फिलहाल देहात थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच में बैंक खाते से हुए लेन-देन, संबंधित खातों, मोबाइल और एटीएम के इस्तेमाल तथा रकम ट्रांसफर किए जाने की परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी।
यह भी जांच का विषय रहेगा कि कुल 4.36 लाख रुपए किस-किस तारीख को और किस माध्यम से दूसरे खाते में ट्रांसफर किए गए। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई करेगी।
रकम वापस मिली या नहीं, जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि खाते से निकाली गई रकम का कितना हिस्सा वापस मिला है अथवा नहीं। पुलिस जांच के बाद इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल शिकायतकर्ता के आरोपों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है और आरोपों की पुष्टि जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों एवं बैंकिंग रिकॉर्ड के आधार पर होगी।
एक नजर में पूरा मामला
पीड़ित: गायाप्रसाद दुबे, एएसआई, हरदा कोतवाली
आरोपित केयर-टेकर: सोनू प्रजापति, विदिशा निवासी
दुर्घटना: 24 अगस्त 2025
कूल्हे का दोबारा डिसलोकेट: 4 नवंबर 2025
केयर-टेकर की सेवा: 19 नवंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक
आरोपित राशि: ₹4 लाख 36 हजार
ऑपरेशन: AIIMS भोपाल में हिप रिप्लेसमेंट
रकम का पता चला: 8 जनवरी 2026
शिकायत: 7 अगस्त को देहात थाना
कार्रवाई: सोनू प्रजापति के खिलाफ अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज
विश्वास के नाम पर सौंपी गई जिम्मेदारी और बैंकिंग जानकारी के कथित दुरुपयोग का यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। बैंक खातों से हुए प्रत्येक ट्रांजेक्शन और रकम के इस्तेमाल की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।

Related Post