किसान के घर चोरी का पुलिस ने किया खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार
डगावानीमा में खिड़की के रास्ते घर में घुसे थे चोर, सोने-चांदी के जेवरात बरामद; एक फरार आरोपी की तलाश जारी
हरदा टिमरनी। ग्राम डगावानीमा में किसान के घर हुई चोरी के मामले में टिमरनी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हरदा शशांक के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मिश्रा तथा एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया के निर्देशन में थाना टिमरनी पुलिस द्वारा की गई।
खिड़की के रास्ते घर में घुसे थे चोर
पुलिस के अनुसार 27 जुलाई 2026 को फरियादी रूपसिंह पिता किशनलाल जाट, उम्र 58 वर्ष, निवासी ग्राम डगावानीमा ने थाना टिमरनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि 26 जुलाई की रात करीब 11 बजे वह परिवार के साथ खाना खाने के बाद घर के हाल में सो गया था, जबकि उसका बेटा और बहू ऊपर के कमरे में सोने चले गए थे।
सुबह करीब 5 बजे उसका बेटा उसे जगाने आया और घर में चोरी होने की जानकारी दी। जब फरियादी ने अंदर जाकर देखा तो दोनों गोदरेज की अलमारियां खुली हुई थीं। पास रखी टिन की पेटी गायब थी, जिसमें सोने-चांदी के पुश्तैनी एवं इस्तेमाल किए जाने वाले जेवर रखे थे। एक छोटी संदूक का ताला भी टूटा हुआ था तथा अलमारी में रखी नकदी भी गायब थी।
बताया गया कि घर के हाल की खिड़की में ग्रिल और जाली नहीं लगी थी और वह खुली हुई थी। पुलिस को आशंका थी कि अज्ञात आरोपी इसी खिड़की के रास्ते घर में दाखिल हुए और चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना टिमरनी में अपराध क्रमांक 428/26, धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पांच टीमों ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना टिमरनी की विशेष पुलिस टीम गठित की गई। एसडीओपी आकांक्षा तलया के निकट पर्यवेक्षण में पुलिस ने पांच अलग-अलग टीमें बनाकर उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपीं। टीमों द्वारा घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की गई।
वहीं साइबर सेल हरदा की तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र के माध्यम से संदिग्धों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीमों ने संदिग्धों की तलाश में तत्काल दबिश देते हुए घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार कुछ संदिग्धों ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास भी किया, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ लिया गया।
पूछताछ में चोरी का जुर्म कबूला
पुलिस द्वारा सघन एवं तकनीकी पूछताछ किए जाने पर आरोपियों ने चोरी की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित उर्फ परदेशी पिता शेरसिंह राठौर (19), कंचन पति शेरसिंह राठौर (40) तथा शेरसिंह पिता अदरकचंद राठौर (48), सभी निवासी ग्राम जामुनिया, थाना सिवनी मालवा, जिला नर्मदापुरम के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार आरोपी शेरसिंह ने चोरी का माल सुनार को बेचना बताया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नरेंद्र पिता दामोदर सोनी, उम्र 41 वर्ष, निवासी अभिषेक नगर, जिला नर्मदापुरम को भी गिरफ्तार किया तथा उसके पास से चोरी का माल बरामद किया। मामले में धारा 317(2) बीएनएस का इजाफा किया गया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए सोने एवं चांदी के जेवरात बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों को विधिवत कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
एक आरोपी फरार, तलाश जारी
पुलिस के अनुसार चोरी की वारदात में शामिल मोनू पिता एवलाल सोलंकी, उम्र 19 वर्ष, निवासी धावड़ा घाट, थाना शिवपुर, जिला नर्मदापुरम अभिरक्षा से फरार है। पुलिस उसकी तलाश एवं पतारसी में जुटी हुई है। फरार आरोपी से चोरी गए कुछ और मशरूका की बरामदगी होना शेष बताया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में चोरी की वारदात का खुलासा होने के साथ ही पुलिस की सक्रियता सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार अपराधियों की धरपकड़ और चोरी का माल बरामद करने में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र का प्रभावी उपयोग किया।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
पूरी कार्रवाई में एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया, निरीक्षक मुकेश गौड़, निरीक्षक आरपी कवरेती, उपनिरीक्षक मनोज दुबे, प्रकाश सोलंकी, संतोष श्रीवास्तव, प्रियंका पाठक, उदयराम सिंह चौहान, सहायक उपनिरीक्षक सुरेंद्र श्रीवास्तव, अभय मवासे, हेरंब पाण्डेय सहित पुलिस टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही।
इसके अलावा प्रधान आरक्षक तुषार धनगर, योगेश पटेल, अनुप, राहुल, आरक्षक सजन ठाकुर, शैलेन्द्र परमार, अभिलेश, शैलेन्द्र राजपूत, विकास, अर्जुन, राकेश पटेल, मुकेश, कादरखान, लोकेश, कमलेश, मनोज, जगमोहन, महिला आरक्षक ललिता एवं सैनिक मौनिका का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
