ओंकारेश्वर से नर्मदा जल लेकर 4-5 दिन पैदल चले कांवड़िए, आज खिरकिया पहुंची बाबा महाकाल की पालकी
खिरकिया। श्रावण मास के पावन अवसर पर भगवान शिव के प्रति आस्था और श्रद्धा का अनूठा नजारा देखने को मिल रहा है। ओंकारेश्वर से मां नर्मदा का पवित्र जल भरकर कांवड़िए करीब 4 से 5 दिनों तक पैदल यात्रा करते हुए खिरकिया क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। कांवड़िए इस पवित्र जल को लेकर चारुवा स्थित भगवान गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेंगे, जहां विधि-विधान से भगवान गुप्तेश्वर का जल अभिषेक किया जाएगा।
इसी क्रम में आज बाबा महाकाल की पालकी खिरकिया पहुंची, जिसके नगर आगमन पर श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। पालकी के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए शामिल रहे। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया तथा भगवान शिव के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
बताया जाता है कि यह धार्मिक यात्रा लगातार चार वर्षों से आयोजित की जा रही है। ओंकारेश्वर से नर्मदा जल लेकर पैदल चलने वाले कांवड़िए अपनी यात्रा के दौरान शिव भक्ति में लीन रहते हैं। यात्रा का उद्देश्य भगवान गुप्तेश्वर महादेव का पवित्र नर्मदा जल से अभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करना है।
महंत रमणभारती महाराज के मार्गदर्शन में निकलती है शोभायात्रा
कांवड़ यात्रा एवं शोभायात्रा का आयोजन महंत रमणभारती महाराज के मार्गदर्शन में किया जाता है। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साह के साथ शामिल होते हैं। डीजे, ढोल-नगाड़ों और भगवान शिव के जयघोष के बीच निकलने वाली शोभायात्रा धार्मिक आस्था का केंद्र बनी हुई है।
कांवड़ियों के चारुवा पहुंचने के बाद भगवान गुप्तेश्वर महादेव का मां नर्मदा के पवित्र जल से जलाभिषेक किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है।
