Wed. Oct 7th, 2026

मंडी से दो पानी की टंकियां गायब, खरीदी प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

मंडी से दो पानी की टंकियां गायब, खरीदी प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

कुछ दिन पहले तक ट्रॉली सेट में रखी थीं टंकियां, अब पीछे से भी गायब; बिना कोटेशन खरीदी की चर्चा, जांच की मांग

हरदा खिरकिया। कृषि उपज मंडी खिरकिया में पानी की व्यवस्था के लिए बाहर से मंगाई गई दो बड़ी पानी की टंकियों को लेकर मामला गरमाता जा रहा है। सामने आई तस्वीर में दोनों टंकियां मंडी परिसर के शेड में ट्रॉलियों वाले सेट में साथ-साथ रखी हुई साफ दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले तक टंकियां इसी स्थान पर रखी थीं। इसके बाद इन्हें मंडी परिसर के सबसे पीछे की ओर रख दिया गया था, लेकिन अब दोनों टंकियां वहां से गायब बताई जा रही हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को मंडी के पीछे वाले गेट से दोनों पानी की टंकियों को बाहर ले जाया गया। टंकियों के मंडी परिसर से बाहर जाने की जानकारी सामने आने के बाद किसानों और नगरवासियों के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं। सवाल उठ रहा है कि मंडी में लाई गई इन टंकियों को किसके निर्देश पर और किस अनुमति से बाहर ले जाया गया।

बिना कोटेशन टंकियां लाने की भी चर्चा
मामले में टंकियों के मंडी से बाहर जाने के साथ उनकी खरीदी प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। सूत्रों के अनुसार दोनों पानी की टंकियां बिना कोटेशन प्रक्रिया के मंडी में लाई गई थीं। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों द्वारा टंकियों की खरीदी से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है।जांच में यह सामने आना चाहिए कि टंकियां किसके आदेश पर खरीदी गईं, किस फर्म से खरीदी गईं, उनकी कीमत कितनी थी, भुगतान किस मद से किया गया और खरीदी के लिए नियमानुसार कोटेशन अथवा अन्य प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं।

शिकायत भोपाल तक पहुंचने की जानकारी
सूत्रों से यह भी जानकारी सामने आई है कि टंकियों से संबंधित शिकायत भोपाल स्तर तक पहुंच चुकी है। ऐसे में अब मामले में उच्च स्तर से जांच होने की उम्मीद जताई जा रही है।

टंकियां कहां गईं, रिकॉर्ड में दर्ज है या नहीं?
मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि मंडी में लाई गई दोनों टंकियां अब कहां हैं। यदि ये मंडी की संपत्ति हैं तो इनके मंडी परिसर से बाहर जाने का रिकॉर्ड, अनुमति और संबंधित अधिकारियों के निर्देश सामने आने चाहिए।साथ ही यह भी जांच का विषय है कि टंकियों को मंडी में लाने से लेकर बाहर ले जाने तक की पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई या नहीं।

जांच के साथ जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग
किसानों और नगरवासियों का कहना है कि कृषि उपज मंडी में सरकारी राशि से होने वाली प्रत्येक खरीदी और खर्च में पारदर्शिता जरूरी है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और खरीदी से लेकर टंकियों को बाहर ले जाने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारियों या संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।अब देखना यह होगा कि मंडी प्रबंधन इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और संबंधित अधिकारी शिकायत पर जांच शुरू कर कार्रवाई करते हैं या नहीं।

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