हरदा। मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र के सातवें दिवस सदन में हरदा जिले के खिरकिया नगर में व्यवहार न्यायालय भवन निर्माण कार्य में हो रही देरी का मुद्दा ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से उठाया गया। यह सूचना विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें निर्माण कार्य में लंबे समय से हो रहे विलंब को गंभीर सार्वजनिक महत्व का विषय बताया गया।
हरदा विधायक डॉ. दोगने द्वारा कहा गया कि हरदा जिले के खिरकिया नगर के वार्ड क्रमांक 15 छीपावाड़ क्षेत्र में व्यवहार न्यायालय भवन निर्माण हेतु शासन द्वारा वर्ष 2018-19 में खसरा क्रमांक 319 की लगभग चार एकड़ भूमि विधिवत रूप से आवंटित की जा चुकी है तथा माननीय उच्च न्यायालय से आवश्यक स्वीकृति भी पूर्व में प्राप्त हो चुकी है। इसके बावजूद उक्त विषय से संबंधित प्रशासनिक एवं विभागीय कार्यवाही विगत लगभग दो वर्षों से विधि एवं विधायी कार्य विभाग स्तर पर लंबित है, जिसके कारण न्यायालय भवन निर्माण कार्य आज तक प्रारंभ नहीं हो सका है। परिणामस्वरूप व्यवहार न्यायालय, खिरकिया का संचालन वर्तमान में कृषि विभाग के किराए के भवन में किया जा रहा है, जिससे न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं तथा आम नागरिकों, अधिवक्ताओं एवं न्यायिक अधिकारियों को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। यह विषय न्यायिक अधोसंरचना एवं जनहित से सीधे जुड़ा हुआ है। अतः इस हेतु आपसे अनुरोध है कि लंबित प्रकरण की त्वरित समीक्षा कर समस्त औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कराई जाएं, संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी कर व्यवहार न्यायालय भवन निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए तथा विलंब के कारणों की जांच कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का कष्ट करें।
सब्सिडी से संबंधित योजनाओं की जानकारी के संबंध में।
हरदा विधायक डॉ. दोगने द्वारा सदन में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री से प्रश्न किया की कृषि विभाग अंतर्गत पूर्व में कौन-कौन सी सब्सिडी से संबंधित योजनाएँ प्रचलन में थी, जिन्हें बंद कर दिया गया है ? योजना के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें व योजना बंद करने का कारण स्पष्ट करें। कृषि विभाग अंतर्गत वर्तमान में कौन-कौन सी सब्सिडी से संबंधित योजनाएँ प्रचलन में है ? योजना के नाम सहित जानकारी उपलब्ध करावें। हरदा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत किन-किन लोगों को वर्तमान में सब्सिडी से संबंधित योजना का लाभ दिया गया है ? हितग्राही के नाम/पते सहित जानकारी उपलब्ध करावें।
जिस पर मंत्री द्वारा जवाब दिया गया कि –
कृषि कृषि विभाग अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से वर्तमान वित्तीय वर्ष तक कोई भी योजना बंद नहीं की गई है। वर्तमान में संचालित सब्सिडी योजनाओं की विस्तृत जानकारी परिशिष्ट में उपलब्ध कराई गई है।
अतिथि व्याख्याताओं की समस्याओं के निराकरण के संबंध में।
हरदा विधायक डॉ. दोगने द्वारा तकनीकी शिक्षा मंत्री से प्रश्न किया गया कि तकनीकी शिक्षा और उच्च शिक्षा में कार्यरत अतिथि व्याख्याता की नियुक्ति के प्रावधान 1996 से है, समान वेतनमान कुछ समय पर मानदेय समान या कम रहा परन्तु समानता होने के बाद भी 12 माह मानदेय और संवैधानिक मातृत्व अवकाश प्रश्न दिनांक तक तकनीकी अतिथि व्याख्याताओं को क्यों नहीं दिया जा रहा है ? तकनीकी अतिथि व्याख्याताओं का विभागीय आदेश 30 जून 2018 महाविद्यालय में कार्यरत होने के लिए आमंत्रण विज्ञापन की आवश्यकता नहीं दर्शाता है एवं विभागीय आदेश 26.05.2022 के अनुसार पूर्व से कार्यरत को कार्यरत बने रहने के निर्देश है अतः लगातार कार्यरत के लिए हरियाणा मॉडल की तरह भविष्य की सुरक्षा क्यों नहीं दी जा रही है ? तकनीकी शिक्षा अतिथियों और उच्च शिक्षा अतिथियों की महापंचायत एक साथ मुख्यमंत्री निवास पर हुई थी। जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री महोदय द्वारा घोषणा की थी मासिक सैलरी 50 हजार, शासकीय सेवकों के समान अवकाश और लगातार कार्यरत को बाहर ना किया जाना। जबकि विभागों द्वारा प्रति दिवस 02 हजार अधिकतम 50 हजार, 13 आकस्मिक 3 ऐच्छिक अवकाश दिये। ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अतिथियों के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु हरियाणा मॉडल लागू करने हेतु समिति बनाई गई है जबकि तकनीकी अतिथियों हेतु नहीं जबकि विभागीय मंत्री एक ही है फिर भी तकनीकी अतिथियों के साथ ऐसा भेदभाव क्यों ?
जिस पर मंत्री द्वारा जवाब दिया गया कि –
अतिथि व्याख्याताओं के दिशा-निर्देशों में 12 माह मानदेय एवं संवैधानिक मातृत्व अवकाश का प्रावधान नहीं है और विभागीय कार्यवाही वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार ही की जा रही है।
इसके पश्चात हरदा विधायक डॉ. दोगने द्वारा विधानसभा सदन में याचिका प्रस्तुत कर ग्राम गोगिया से सन्यास एवं बालागांव-मगरधा रोड से ग्राम झुंडगांव तक सड़क निर्माण कराए जाने की मांग की गई।
हरदा विधायक डॉ. दोगने ने सदन में तीखे शब्दों में कहा कि खिरकिया व्यवहार न्यायालय भवन के लिए लगभग चार एकड़ भूमि आवंटित होने और आवश्यक स्वीकृतियाँ मिलने के बावजूद निर्माण कार्य लंबित रहना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। न्यायालय का किराए के भवन में संचालन न्याय व्यवस्था और आमजन की सुविधा दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है, जिसे अब और विलंबित नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने सरकार से मांग की कि न्यायालय भवन निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए, किसानों की सब्सिडी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, अतिथि व्याख्याताओं को न्यायपूर्ण मानदेय व सुरक्षा दी जाए तथा क्षेत्रीय विकास के लिए गोगिया–सन्यास एवं बालागांव-मगरधा रोड़
से झुंडगांव सड़क मार्ग निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ स्वीकृति देकर तेजी से पूर्ण कराया जाए।
से झुंडगांव सड़क मार्ग निर्माण कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ स्वीकृति देकर तेजी से पूर्ण कराया जाए।
