Fri. May 15th, 2026

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने द्वारा नियम 138(1) के अंतर्गत हरदा जिले की जर्जर लिंक सड़कों का मुद्दा ध्यान आकर्षण सूचना के माध्यम से प्रमुखता से उठाया गया

हरदा। विधायक डॉ. दोगने द्वारा सदन में कहा गया कि हरदा जिला अंतर्गत विभिन्न ग्रामों को जोड़ने वाली लिंक सड़कें अत्यंत जर्जर एवं दयनीय स्थिति में हैं। ये सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मुख्य आवागमन का साधन हैं, किंतु वर्तमान में इनकी हालत इतनी खराब है कि क्षेत्रवासियों को 10 से 15 किलोमीटर तक का अतिरिक्त फेरा लगाकर आवागमन करना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीणजन अत्यधिक परेशान हैं।

विधायक डॉ. दोगने द्वारा जिन मार्गों का उल्लेख किया गया, उनमें प्रमुख रूप से –
ग्राम मक्तापुर से सोनपुरा तक – 04 कि.मी.
ग्राम रन्हाई से ग्राम कुकरावद तक – 03 कि.मी.
ग्राम अबगांवकला भैरोपुर मार्ग (दानाबाबा के पास नहर मार्ग होते हुए) ग्राम भुन्नास तक – 06 कि.मी.
ग्राम ऊँडा से ग्राम कोटल्याखेड़ी तक – 03.50 कि.मी.
ग्राम हंडिया से ग्राम हीरापुर तक – 03 कि.मी.
ग्राम सुखरास से ग्राम खारपा तक – 03 कि.मी.
ग्राम सारंगपुर से कुडावा तक – 05 कि.मी.
ग्राम पलासनेर से ग्राम पहतगांव तक – 04 कि.मी.
ग्राम झल्लार से ग्राम झिरी तक – 03 कि.मी.
ग्राम जटपुरा से ग्राम कडोला राघो तक – 02 कि.मी.
ग्राम सांगावामाल से ग्राम सारसूद तक – 04 कि.मी.
ग्राम सक्तापुर से ग्राम सुल्तानपुर तक – 04 कि.मी.
ग्राम पहनपाट से ग्राम सारंगपुर तक – 06 कि.मी.
इन मार्गों की दयनीय स्थिति के कारण आमजन, छात्र-छात्राओं, किसानों एवं मरीजों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्षा ऋतु में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जिससे आवागमन पूर्णतः बाधित हो जाता है। इस हेतु में सरकार से मांग करता हूं कि उपरोक्त सड़क सड़क मार्गों को बजट में प्राथमिकता के आधार पर शामिल कर स्वीकृति प्रदान की जाए तथा शीघ्र निर्माण/पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्राप्त हो सके। उक्त सड़क मार्ग निर्माण कार्यों के संबंध में हरदा विधायक डॉ. दोगने द्वारा लोक निर्माण विभाग मंत्री से उनके कक्ष में व्यक्तिगत मुलाकात कर उन्हें पत्र सोप कर भी मांग की गई।
हरदा विधायक डॉ. दोगने द्वारा कहा कि हरदा जिले के ग्रामीण अंचलों की जर्जर लिंक सड़कें केवल सड़क का मुद्दा नहीं, बल्कि आमजन के जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों की आजीविका से जुड़ा हुआ गंभीर विषय है। वर्षों से उपेक्षित इन मार्गों की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों को 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करने की मजबूरी है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि क्षेत्र की जनता को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए उन्होंने विधानसभा में यह मुद्दा मजबूती से उठाया और लोक निर्माण विभाग मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात कर पत्र सौंपते हुए मांग की, कि सभी जर्जर लिंक सड़कों को आगामी बजट में प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कर शीघ्र निर्माण एवं पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए।
डॉ. दोगने ने कहा कि “मैं हरदा की जनता की आवाज को सदन से लेकर विभाग तक लगातार उठा रहा हूं और क्षेत्र के विकास एवं बुनियादी सुविधाओं के लिए हर स्तर पर संघर्ष करता रहूंगा।

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