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ईद-उल-फितर के मौके पर खिरकिया में भाईचारे, सामाजिक एकता और गंगा-जमुनी तहज़ीब की शानदार मिसाल देखने को मिली

खिरकिया । ईद-उल-फितर के मौके पर खिरकिया में भाईचारे, सामाजिक एकता और गंगा-जमुनी तहज़ीब की शानदार मिसाल देखने को मिली। नगर की विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा की गई और देश-प्रदेश की शांति व तरक्की के लिए दुआएं मांगी गईं।
प्राचीन जामा मस्जिद चौक पर नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इसके पश्चात मुस्लिम समाज एवं जामा मस्जिद कमेटी द्वारा सामाजिक सौहार्द को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें समाजसेवियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों का इस्तकबाल कर सम्मान किया गया।
मोहब्बत की मिसाल: मंदिर और गुरुद्वारा तक पहुंचा ईद का संदेश
कार्यक्रम के बाद मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने गांधी चौक स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर पहुंचकर पंडित ओमप्रकाश जी से भेंट की और उन्हें खजूर का पैकेट भेंट कर ईद की मुबारकबाद दी।
इसके बाद गुरुद्वारा पहुंचकर गुरु सिंह सभा खिरकिया के अध्यक्ष हरभजन सिंह भाटिया (भज्जू) को भी शुभकामनाएं दी गईं।
इस दौरान जामा मस्जिद के सदर मोहम्मद इस्माइल के साथ वरिष्ठ पत्रकार अयूब खान, जामा मस्जिद के इमाम साहब, मौलाना कलीम, सैयद साबिर अली, मुस्तकीम कुरेशी, राजा बेग, टिंकु भाई, शेख सोहेल, सद्दाम खान, नूर मोहम्मद सहित अनेक सामाजिक लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने मंदिर और गुरुद्वारा पहुंचकर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दिया।
मंच से संदेश: “यही है खिरकिया की पहचान”
कार्यक्रम में एसडीएम सिवांगी बघेल, एसडीओपी राबर्ट गिरवाल, संतोष सिंह चौहान, विष्णु प्रसाद यादव सहित अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाजसेवी उपस्थित रहे।
मंच से वक्ताओं ने कहा कि खिरकिया की पहचान इसकी आपसी एकता और भाईचारा है। यहां हर समाज एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होकर प्रेम और सद्भाव का संदेश देता है।

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