Fri. May 15th, 2026

खिरकिया में गूंजा नवकार मंत्र: विश्व शांति का संदेश बना जन-जन का संकल्प

खिरकिया। विश्व नवकार दिवस के अवसर पर खिरकिया में आध्यात्मिकता, एकता और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह दिवस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि चेतना जागरण और विश्व शांति का सशक्त वैश्विक अभियान बनकर सामने आया।
प्रातः 8:01 बजे से 9:36 बजे तक जैन श्वेतांबर मांगलिक भवन में बड़ी संख्या में जैन एवं जैनेतर श्रद्धालु एकत्रित हुए और णमोकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया। सकल जैन समाज के आव्हान पर आयोजित इस कार्यक्रम में नगर के सर्व समाज ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि णमोकार महामंत्र जैन धर्म का सर्वाधिक पवित्र, प्राचीन और सार्वभौमिक मंत्र माना जाता है। यह ऐसा मंत्र है जिसमें किसी देव, व्यक्ति या संप्रदाय विशेष की नहीं, बल्कि श्रेष्ठ गुणों की वंदना की जाती है।इस मंत्र का प्रत्येक उच्चारण आत्मा को शुद्ध करने, मन को शांत करने और भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला माना गया है। कहा जाता है कि यह मंत्र कर्मों की निर्जरा में सहायक होता है।मन के विकारों को शांत कर आत्मिक संतुलन प्रदान करता है।भय, तनाव और अशांति को दूर कर साहस और शांति का अनुभव कराता है
निरंतर जाप से जीवन में सद्गुणों का विकास होता है।जैन आस्था के अनुसार, णमोकार मंत्र का स्मरण मात्र ही व्यक्ति को सही मार्ग की ओर प्रेरित करता है और उसे आत्मकल्याण की दिशा में अग्रसर करता है।

गुणों की वंदना का संदेश

श्वेतांबर जैन श्री संघ अध्यक्ष अनिल मुणोत एवं दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष मनोज (गोलू) जैन ने बताया कि इस महामंत्र में अरिहंतों की निर्मलता,सिद्धों की पूर्णता,आचार्यों का मार्गदर्शन,उपाध्यायों का ज्ञान तथा साधुओं के संयम की वंदना की जाती है। यह हमें सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा व्यक्ति की नहीं, उसके गुणों की होनी चाहिए।

आत्मशुद्धि से विश्वकल्याण की ओर

श्री संघ सह मंत्री विजय कोचर एवं विमल रांका ने बताया कि वर्तमान समय में जब विश्व तनाव, संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहा है, ऐसे में यह दिवस आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि का अवसर प्रदान करता है।सामूहिक जाप केवल शब्दों का उच्चारण नहीं, बल्कि अहिंसा, विनम्रता और आत्मजागरण का सामूहिक संकल्प है।उन्होंने कहा कि जब मन शांत होगा, तभी समाज शांत होगा और जब समाज शांत होगा, तभी विश्व में स्थायी शांति संभव होगी।रुपेश (छोटू) भंडारी ने जानकारी दी कि जिटो संगठन एवं श्री श्वेतांबर जैन संघ द्वारा प्रभावना भी वितरित की गई। साथ ही सियान रे एवं लिटिल लीडर्स विद्यालयों में भी नवकार मंत्र जाप का विशेष आयोजन हुआ।
पूरे खिरकिया नगर में नवकार मंत्र की गूंज से वातावरण ऊर्जावान और शांतिमय हो गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरी पृथ्वी एक ही स्वर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रही हो।

विश्व णमोकार महामंत्र दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि परिवर्तन की शुरुआत भीतर से होती है।
जब व्यक्ति का मन निर्मल होगा,तब समाज में शांति आएगी, और तब ही विश्व में स्थायी सद्भाव स्थापित होगा। यही इस दिवस का सार है। यह आत्मकल्याण से विश्वकल्याण तक की यात्रा है।

Related Post