हरदा खिरकिया। नगर की सुंदरता बढ़ाने और मुख्य मार्गों को आकर्षक बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका द्वारा लगाए गए डिवाइडर आज अपनी बदहाल स्थिति के कारण चर्चा का विषय बने हुए हैं। जिन डिवाइडरों को हरियाली और सजावट के लिए तैयार किया गया था, वहीं अब लोगों ने उन्हें कचरा घर बना दिया है।
नगर के प्रमुख मार्गो, मेन रोड, कृषि उपज मंडी क्षेत्र सहित कई स्थानों पर डिवाइडरों के बीचों-बीच कचरे के ढेर नजर आ रहे हैं। प्लास्टिक, घरेलू कचरा, सड़ी-गली सामग्री और अन्य अपशिष्ट खुलेआम फेंका जा रहा है, जिससे शहर की सुंदरता पर दाग लग रहा है।
जनता की लापरवाही बनी बड़ी समस्या
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ लोग घरों और दुकानों का कचरा सीधे डिवाइडरों में फेंक देते हैं। कचरा पात्र होने के बावजूद इस तरह की लापरवाही से समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
बीमारियों का बढ़ता खतरा
डिवाइडरों में जमा कचरा मच्छरों और कीटों के पनपने का कारण बन रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। आसपास रहने वाले लोग इस स्थिति से खासे परेशान हैं।
कचरा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग
नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों की पहचान कर उन पर जुर्माना लगाया जाए और सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही डिवाइडरों की नियमित सफाई और निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।
जरूरी कदम
डिवाइडरों पर कचरा फेंकने वालों पर तत्काल जुर्माना
सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी
नियमित सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करना
जनजागरूकता अभियान चलाना
नगर की पहचान उसकी स्वच्छता और सुंदरता से होती है, लेकिन जब नागरिक खुद ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने लगें, तो विकास की तस्वीर धूमिल हो जाती है। समय रहते सख्त कदम उठाए गए तो ही खिरकिया की खोई हुई रौनक वापस लौट सकेगी।
