हरदा खिरकिया। ग्राम पोखरनी निवासी एक दिव्यांग वृद्ध, मेवानाथ पिता उमीदनाथ, पिछले डेढ़ साल से अपने जायज काम के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
क्या है मामला
पीड़ित मेवानाथ ने बताया कि उन्होंने लगभग 18 महीने पहले नगर परिषद खिरकिया में अपने घर के शौचालय का गड्ढा खाली कराने के लिए निर्धारित शुल्क 3700 रुपये जमा किए थे। राशि जमा करने के बावजूद आज तक उनका काम नहीं किया गया। जब भी वे नगर परिषद जाते हैं, उन्हें टाल दिया जाता है। शिकायत के अनुसार, जब मेवानाथ ने संबंधित अधिकारी राम कुमार पासी से संपर्क किया, तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उनका स्थानांतरण सिराली हो गया है और वे अब कुछ नहीं कर सकते। वहीं नगर परिषद के अन्य कर्मचारी उन्हें पुराने अधिकारी के पास ही भेज रहे हैं। एक दिव्यांग वृद्ध को इस तरह एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर भटकाया जा रहा है। मेवानाथ ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की मांग की है।
उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
या तो तत्काल उनके शौचालय का कार्य पूर्ण कराया जाए।
अथवा, उनकी जमा राशि ससम्मान वापस की जाए।
दोषी और लापरवाह कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन एक दिव्यांग वृद्ध की इस जायज मांग पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है या मेवानाथ को व्यवस्था की इस चक्की में और पिसना पड़ेगा।
