हरदा। छीपाबड़ थाना क्षेत्र के ग्राम बारंगी में एक अप्रैल दोपहर तीन बजे के लगभग गांव के बाहर एक पेड़ के नीचे कुछ जुआरी पत्ते खेल रहे थे। जुआरियों को पुलिस के आने की सूचना मिली ओर सभी लोग खेतों और रास्तों से इधर उधर भागने लगे। इसी दौरान गांव का एक किसान सुमेर सिंह बघेल उम्र 50 वर्ष निवासी बारंगी अपने खेत में पैदल जा रहा था सुमेर सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि एक पुलिस कर्मी ने उसे जुआरी समझकर उसके साथ मारपीट की ओर पैरों से मारकर उसे जमीन पर गिरा दिया इस मारपीट की घटना में किसान सुमेर सिंह का एक पैर फैक्चर हो गया घटना के बाद उक्त दोनों पुलिस कर्मी किसान को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाने की बजाय तड़पते हुए खेत में छोड़कर भाग गए ग्रामीणों ने घायल किसान के परिवार वालों को सूचना दी उसके बाद निजी वाहन से किसान को हरदा निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहा उनका इलाज चल रहा है।
छीपाबड़ पुलिस ने किया प्रेस नोट जारी
थाना प्रभारी संतोष सिह चौहान ने बताया कि ग्राम बारंगी मे दिनांक 01/04/26 को पुलिस थाना छीपाबड के कार्य. सउनि. जगन कुमार युवने व आरक्षक शम्भू चौरे अप. विवेचना एवं संमस वारण्ट तामिली हेतु अपनी बीट मे रवाना हुए थे शाम करीब 04/00 बजे ग्राम बारंगी मे संमस वारण्ट तामिली हेतु ग्राम कोटवार हरिनारायण कुल्हाड़े को हमराह लेकर वारण्टीयों के घर जा रहे थे तभी एक नीम के पेड़ के नीचे 4-5 लोग दिख रहे थे पुलिस को नजदीक आते देख वहां से भाग गये। लेकिन एक व्यक्ति मोटर सायकल पर वहीं पर खड़ा रहा मौके पर पेड़ के पास पहुंचने पर जिससे नाम पूछने पर उसने अपना नाम कांताप्रसाद उर्फ संतोष बेलदार बताया उससे पूछा तो उसने बताया कि गांव के सुमेर बघेल, गुलाब कतिया, मुकेश बघेल, दीपक ठाकुर व अशोक चौरे पत्ते खेल रहे थे जो पुलिस को देखकर भाग गये। मौके पर एक की-पेड मोबाईल, ताश के पत्ते व चप्पले पड़े थे मोबाईल को सुरक्षार्थ रख लिया और वारण्टी तलाश हेतु संतोष बेलदार को भी वारण्टी तलाश हेतु साथ मे रख लिया सउनि. जगन युवने आर. शम्भू चौरे ने ग्राम कोटवार हरिनारायण कुल्हाड़े एवं संतोष बेलदार के साथ मिलकर ग्राम बारंगी मे दिनेश मीणा, हरगोविंद मीणा, किशोरीलाल पिता भागीरथ की तलाश की नही मिले तलाशी पंचनामा तैयार किया वारण्टी तलाश के दौरान शाम करीब 06/00 बजे तक ग्राम बारंगी मे ही दोनों पुलिस बल उपस्थित रहे ग्राम से रवाना होने के बाद उक्त की-पेड मोबाईल पर फोन आने पर उन्होने पूछा तो बताया कि मोबाईल पुलिस के पास है थाने आकर ले लेना बाद मे रात्रि मे जानकारी लगी कि सुमेरसिंह बघेल के पैर के पंजे मे चोट आई है और वह बघेल अस्पताल हरदा मे भर्ती है। पुलिस द्वारा मारपीट करना बता रहा है। मेमो जांच के दौरान ग्राम कोटवार एवं स्वतंत्र गवाह संतोष बेलदार से पूछताछ करने पर पाया कि पुलिस के द्वारा किसी के साथ मारपीट नही की गई। सुमेरसिंह बघेल का पैर पुलिस को देखकर भागते समय रविशंकर उर्फ वीर भैया के घर के पास वाले लेट्रिंग के गड्डे मे पैर पड़ने के कारण सुमेर सिंह बघेल का पैर का टकना मुड़ जाने से टूटना बताया है। सुमेरसिंह बघेल के साथ पुलिस द्वारा न ही मारपीट की गई न ही उनका पीछा किया है असत्य आधार पर पुलिस की शिकायत मीडिया एवं समाचार पत्र मे प्रसारित करवा रहा है।
