हरदा। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने हरदा जिले के विकास, रोजगार, सहकारिता, बाल श्रम एवं स्व-सहायता समूहों से संबंधित कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे प्रमुखता से उठाए तथा संबंधित मंत्रियों से विस्तृत जानकारी मांगी।
1. जिला सहकारी बैंक हरदा का मुख्यालय हरदा में स्थापित करने का प्रश्न
हरदा विधायक डॉ. दोगने ने सहकारिता मंत्री से प्रश्न करते हुए पूछा कि वर्ष 1998 में हरदा को जिला घोषित किए जाने के बाद अधिकांश शासकीय विभागों के जिला मुख्यालय हरदा में स्थापित हो चुके हैं, किंतु जिला सहकारी बैंक हरदा का जिला मुख्यालय अभी भी नर्मदापुरम (होशंगाबाद) में क्यों स्थित है।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या जिला सहकारी बैंक हरदा का मुख्यालय हरदा में स्थानांतरित करने की कोई प्रक्रिया प्रचलन में है तथा यदि है तो इसकी समय-सीमा क्या है।
इस पर सहकारिता मंत्री ने उत्तर दिया कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित नर्मदापुरम का कार्यक्षेत्र हरदा एवं नर्मदापुरम दोनों जिलों तक विस्तारित है तथा हरदा जिले में 06 शाखाओं के माध्यम से बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही बैंक की वित्तीय स्थिति कमजोर होने के कारण हरदा जिले में पृथक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की स्थापना का कोई प्रस्ताव वर्तमान में नहीं है।
2. हरदा जिले में बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने संबंधी प्रश्न
हरदा विधायक डॉ. दोगने ने कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री से प्रश्न किया कि वर्ष 2021 से प्रश्न दिनांक तक जिला रोजगार कार्यालय हरदा में कितने शिक्षित एवं अशिक्षित बेरोजगार पंजीकृत हुए हैं तथा उनमें पुरुष एवं महिलाओं की संख्या कितनी है।
उन्होंने यह भी पूछा कि इस अवधि में जिला रोजगार कार्यालय के माध्यम से शासकीय, सार्वजनिक, सहकारी एवं निजी क्षेत्र में कितने बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया, क्या रोजगार कार्यालय शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार दिलाने में असफल सिद्ध हो रहा है, तथा क्या हरदा जिले के शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की कोई योजना प्रचलन में है।
राज्य मंत्री, कौशल विकास एवं रोजगार द्वारा उत्तर में बताया गया कि प्रश्नावधि में एम.पी. रोजगार पोर्टल पर जिला रोजगार कार्यालय हरदा में कुल 15,396 शिक्षित एवं 23 अशिक्षित अभ्यर्थी दर्ज हैं, जिनमें 8,601 पुरुष एवं 6,818 महिलाएं शामिल हैं। साथ ही विभाग द्वारा जॉब फेयर योजना के माध्यम से रोजगार मेलों का आयोजन कर निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं तथा बेरोजगारी भत्ता संबंधी कोई योजना प्रचलन में नहीं है।
3. बाल श्रमिकों से संबंधित प्रकरणों पर प्रश्न
विधायक डॉ. दोगने ने श्रम मंत्री से प्रश्न किया कि नर्मदापुरम संभाग में 01 जनवरी 2024 से प्रश्न दिनांक तक बाल श्रम अधिनियम के उल्लंघन के कितने प्रकरण दर्ज किए गए तथा दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई।
उन्होंने यह भी पूछा कि बाल श्रमिकों के शोषण मुक्ति एवं पुनर्वास हेतु शासन की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं।
श्रम मंत्री द्वारा उत्तर में बताया गया कि 01 जनवरी 2024 से 01 जनवरी 2026 तक नर्मदापुरम संभाग में कुल 33 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें नर्मदापुरम 17, बैतूल 14 एवं हरदा 02 प्रकरण शामिल हैं। 29 प्रकरणों में अभियोजन दायर किया गया तथा 24 प्रकरणों में निराकरण करते हुए 2,28,000 रुपये की अधिरोपित राशि वसूल की गई।
साथ ही बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 (संशोधित 2016) के अंतर्गत निरीक्षण कर उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है तथा विमुक्त बाल श्रमिकों के पुनर्वास, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण एवं शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाता है।
4. फर्जी स्व-सहायता समूहों द्वारा अनियमितता एवं भ्रष्टाचार का मुद्दा
हरदा विधायक डॉ. दोगने द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री से प्रश्न करते हुए पूछा कि क्या हरदा जिले में आंगनवाड़ी केंद्र, झूलाघर, शासकीय विद्यालयों, छात्रावासों एवं शिक्षा गारंटी शालाओं में स्व-सहायता समूहों द्वारा मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की जा रही है तथा विगत 03 वर्षों में स्व-सहायता समूहों को दी गई राशि एवं खाद्यान्न का विवरण क्या है।
उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि स्व-सहायता समूहों के नाम पर फर्जी समूह बनाकर योजनाओं की राशि के गबन एवं अनियमितताओं की जांच विभाग द्वारा समय-समय पर कराई जाती है या नहीं तथा यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं।
पंचायत मंत्री ने उत्तर में बताया कि योजनांतर्गत शासकीय छात्रावासों में स्व-सहायता समूहों द्वारा मध्यान्ह भोजन का संचालन नहीं किया जाता तथा जिले में शिक्षा गारंटी शालाएं संचालित नहीं हैं। पीएम पोषण पोर्टल के माध्यम से भोजन पकाने हेतु राशि सीधे स्व-सहायता समूहों के खातों में अंतरित की जाती है। साथ ही जिले में पीएम पोषण योजनांतर्गत राशि के गबन से संबंधित कोई लिखित अथवा मौखिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
इसके पश्चात हरदा विधायक द्वारा ध्यान आकर्षण सूचना के माध्यम सरकार का ध्यान सोने-चांदी की अस्थिर कीमतों से आमजन को राहत प्रदान किए जाने की और आकर्षित कराया। विधायक डॉ. दोगने द्वारा सदन में कहा गया कि देश एवं प्रदेश में सोने एवं चांदी की कीमतों में निरंतर हो रही अस्थिरता एवं वृद्धि के कारण आम नागरिकों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सोना एवं चांदी भारतीय समाज में केवल आभूषण नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण साधन हैं। परंतु हाल के समय में कीमतों में अप्रत्याशित और अनियमित उतार-चढ़ाव के कारण मध्यम एवं निम्न आय वर्ग, किसान, श्रमिक, छोटे व्यापारी, कर्मचारी तथा अन्य वर्गों के समक्ष गंभीर वित्तीय एवं पारिवारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। विशेष रूप से विवाह जैसे सामाजिक अवसरों के दौरान इन धातुओं की बढ़ती कीमतें आमजन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही हैं। यह स्थिति न केवल उपभोक्ताओं की क्रय क्षमता को प्रभावित कर रही है, बल्कि स्थानीय व्यापार एवं रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। इसके बावजूद कीमतों को स्थिर रखने, सट्टा गतिविधियों पर नियंत्रण करने तथा कर संरचना में राहत देने के लिए कोई प्रभावी और ठोस कदम सामने नहीं आ रहे हैं। अतः मेरा सरकार से अनुरोध है कि केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित कर सोने एवं चांदी की कीमतों में स्थिरता लाने हेतु आवश्यक नीतिगत कदम उठाने, कर एवं शुल्क की समीक्षा करने तथा आम जनता एवं सरकार से जुड़े वर्गों को राहत प्रदान करने के लिए शीघ्र प्रभावी कार्यवाही करने का कष्ट करें।
हरदा विधायक डॉ. दोगने द्वारा विधानसभा में उठाए गए ये प्रश्न हरदा जिले के बैंकिंग ढांचे, रोजगार, बाल श्रम उन्मूलन तथा योजनाओं में पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों से जुड़े हैं। हरदा विधायक ने स्पष्ट किया कि वे हरदा जिले के विकास, युवाओं के रोजगार, प्रशासनिक सुविधा एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निरंतर विधानसभा में मजबूती से उठाते रहेंगे।
हरदा विधायक डॉ. दोगने द्वारा विधानसभा में उठाये गए हरदा जिले से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे
