हरदा/खिरकिया।धर्म, भक्ति और आध्यात्म की पावन सरिता अब बाड़ी मैदान स्थित श्री राधे गौशाला में प्रवाहित होने जा रही है। तिवारी परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ आज से अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ किया जा रहा है। इस भव्य धार्मिक आयोजन में प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित मधुसूदन सकल्ले अपने श्रीमुख से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का रसपान कराएंगे।
कथा आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और धार्मिक माहौल देखने को मिल रहा है। आयोजन स्थल श्री राधे गौशाला को आकर्षक विद्युत सज्जा, फूलों एवं धार्मिक झांकियों से भव्य रूप से सजाया गया है। कथा स्थल पर विशाल पांडाल, श्रद्धालुओं के बैठने की उत्तम व्यवस्था, पेयजल, प्रसादी एवं पार्किंग की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
आयोजन समिति के अनुसार प्रतिदिन कथा प्रारंभ होने से पूर्व भव्य कलश यात्रा, पूजा-अर्चना एवं संगीतमय भजन संध्या का आयोजन भी किया गया । कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन लीला, रासलीला और सुदामा चरित्र जैसे प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्तिरस में डूब जाएंगे।
तिवारी परिवार ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। आयोजन में नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। कथा आयोजन को लेकर महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
धर्म और संस्कृति का बनेगा संगम
श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार और सनातन परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम भी है। कथा के माध्यम से समाज में नैतिकता, प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया जाएगा। कथा वाचक पं. मधुसूदन सकल्ले अपने मधुर वाणी और ओजस्वी शैली से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
आयोजन समिति द्वारा गर्मी को देखते हुए पंखे, कूलर, पेयजल एवं स्वास्थ्य सुविधा की विशेष व्यवस्था की गई है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वाहन पार्किंग एवं सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। प्रतिदिन कथा के पश्चात महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।
नगर में बना भक्तिमय माहौल
कथा आयोजन की शुरुआत से पहले नगर में धार्मिक ध्वज, बैनर एवं स्वागत द्वार लगाए गए हैं। भजन-कीर्तन और धार्मिक घोषणाओं से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में रंग गया है। श्रद्धालु इसे नगर का एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन मान रहे हैं।
