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बागेश्वर धाम में 300 बेटियों के विवाह समारोह में सेवा खिरकिया की क्षमा दीदी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

हरदा खिरकिया। सामाजिक सरोकार और सेवा भावना की अनूठी मिसाल पेश करते हुए खिरकिया की क्षमा दीदी ने बागेश्वर धाम में आयोजित 300 बेटियों के भव्य सामूहिक विवाह समारोह में सक्रिय सहभागिता निभाई। यह आयोजन प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आई जरूरतमंद बेटियों का विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ कराया गया। समारोह में हजारों श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं दानदाता उपस्थित रहे। विशाल पंडाल, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं और पारंपरिक वैवाहिक अनुष्ठानों के बीच 300 बेटियों का विवाह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। आयोजन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग प्रदान करना और सामाजिक समरसता का संदेश देना था। इस अवसर पर क्षमा दीदी ठाकुर ने विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने कन्याओं और उनके परिजनों की सेवा, भोजन व्यवस्था में सहयोग, आवश्यक सामग्री वितरण तथा अतिथियों के मार्गदर्शन जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी सेवा भावना और समर्पण को आयोजन समिति एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने सराहा।
क्षमा दीदी ने कहा कि समाज सेवा ही सच्ची पूजा है और ऐसे आयोजनों में सहयोग करना प्रत्येक सक्षम नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि सामूहिक विवाह जैसे कार्यक्रम न केवल जरूरतमंद परिवारों का आर्थिक बोझ कम करते हैं, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता की भावना भी मजबूत करते हैं। क्षेत्रवासियों ने इस सेवा कार्य पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि खिरकिया की बेटी ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से सामाजिक कार्यक्रमों को नई ऊर्जा मिलती है और समाज में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त होता है। यह आयोजन सेवा, संस्कार और सामाजिक सहयोग का अद्भुत उदाहरण बनकर उभरा है। क्षमा दीदी का योगदान निश्चित रूप से अन्य लोगों को भी समाजहित में आगे आने की प्रेरणा देगा।

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