हरदा। हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने द्वारा म.प्र. विधानसभा अध्यक्ष, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव म.प्र.विधानसभा, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन विभाग, आयुक्त नर्मदापुरम संभाग एवं हरदा कलेक्टर को पत्र प्रेषित कर नगर पालिका परिषद हरदा द्वारा शासकीय निधि से आयोजित कार्यक्रम में शासकीय प्रोटोकॉल के गंभीर उल्लंघन, जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा एवं शासकीय धन के राजनीतिक दुरुपयोग करने संबंधी शिकायत की गई है।
हरदा विधायक डॉ. दोगने द्वारा प्रेषित पत्र में लेख किया गया है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र हरदा अंतर्गत नगर पालिका परिषद हरदा द्वारा दिनांक 08 अप्रैल 2026 को शासकीय निधि से किए जा रहे हरदा बस स्टैंड पुनर्निर्माण कार्य के भूमि पूजन कार्यक्रम में अत्यंत गंभीर अनियमितता एवं प्रोटोकॉल उल्लंघन किया गया है। जो न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं का उल्लंघन हैं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के भी प्रतिकूल हैं।
प्रकरण के अवलोकन उपरांत निम्नलिखित गंभीर बिंदु संज्ञान में आए है –
1. शासकीय प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन –
उक्त कार्यक्रम शासकीय प्रकृति का होने के बावजूद निमंत्रण पत्र में मुख्य नगर पालिका अधिकारी का उल्लेख तक नहीं किया गया, जो कि स्थापित प्रशासनिक प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन है।
2. निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की जानबूझकर उपेक्षा, प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन –
क्षेत्रीय विधायक के रूप में मेरा नाम, जो कि विधिवत प्रोटोकॉल में सम्मिलित किया जाना अनिवार्य है, जानबूझकर निमंत्रण पत्र से विलोपित किया गया। यह आचरण न केवल अनुचित है, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं के विरुद्ध भी है।
3. शासकीय धन का राजनीतिक उपयोग –
यह कार्य पूर्णतः नगर पालिका निधि (जनता के कर से प्राप्त धन) से संपादित हो रहा है, तथापि कार्यक्रम को एक विशेष राजनीतिक दल के प्रचार मंच के रूप में प्रस्तुत किया गया। यह कृत्य शासकीय धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है एवं शासन की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
4. शासकीय स्वरूप को छुपाने का सुनियोजित प्रयास –
आमंत्रण पत्र एवं कार्यक्रम की रूपरेखा से स्पष्ट है कि जानबूझकर इसे गैर-शासकीय रूप देने का प्रयास किया गया, ताकि प्रोटोकॉल से बचा जा सके। यह एक गंभीर प्रशासनिक अनियमितता है।
5. शासन के वित्तीय नियमों का उल्लंघन –
शासकीय निधि से संपादित कार्यों में शासन के वित्तीय नियमों के अनुसार पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं समानता का पालन अनिवार्य है। किन्तु वर्तमान प्रकरण में कार्यक्रम को पक्षपातपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे वित्तीय अनुशासन एवं लोकहित की भावना प्रभावित होती है।”
6. प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग –
उक्त प्रकरण में यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि निमंत्रण पत्र की स्वीकृति किस स्तर से प्रदान की गई एवं इसके लिए कौन अधिकारी उत्तरदायी है, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।”
7. पूर्व में भी किए गए इस प्रकार के कृत्य –
पूर्व में भी नगर पालिका परिषद हरदा द्वारा शासकीय कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया है। जिसकी शिकायत भी मेरे द्वारा की गई परन्तु खेद का विषय है कि जिला प्रशासन द्वारा कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं की गई। वर्तमान प्रकरण उसी प्रवृत्ति की पुनरावृत्ति को दर्शाता है।
उपरोक्त समस्त तथ्य इस बात को प्रमाणित करते हैं कि शासकीय कार्यक्रमों को राजनीतिक लाभ हेतु प्रयोग किया जा रहा है तथा प्रशासनिक नियमों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है।
अतः मेरा आपसे अनुरोध है कि –
1. उक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. दोषी अधिकारियों एवं संबंधित जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
3. भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
4. संबंधित कार्यक्रम की वैधता की समीक्षा कर आवश्यक होने पर उसे निरस्त/स्थगित करने के निर्देश दिए जाएं।
यह प्रकरण न केवल प्रशासनिक अनियमितता का विषय है, बल्कि जनहित एवं संविधान में निहित निष्पक्ष शासन व्यवस्था के सिद्धांतों के भी विपरीत है। आपसे अपेक्षा है कि लोकतांत्रिक गरिमा एवं शासकीय मर्यादाओं की रक्षा हेतु इस गंभीर विषय पर त्वरित एवं कठोर कार्यवाही करने का कष्ट करे।
