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लोधियाखेड़ी में निर्माणाधीन पुलिया पर उठे गुणवत्ता के सवाल, जनपद सदस्य ने जांच तक काम रोकने की मांग की

ग्रामीणों की शिकायतों के बाद कलेक्टर को सौंपा आवेदन, तकनीकी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
हरदा खिरकिया। जनपद पंचायत खिरकिया के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चौकड़ी के ग्राम लोधियाखेड़ी में निर्माणाधीन पुलिया कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पुलिया निर्माण में गुणवत्ता संबंधी गंभीर शिकायतों के बीच क्षेत्र की जनपद सदस्य ज्योति गोलू राजपूत ने जिला कलेक्टर हरदा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सीईओ जनपद पंचायत खिरकिया को लिखित आवेदन देकर निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने तथा जांच पूर्ण होने तक कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम लोधियाखेड़ी में लगभग 5 से 7 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही ग्रामीणों द्वारा निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य में उपयोग की जा रही रेत, सीमेंट, सरिया सहित अन्य निर्माण सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है तथा निर्माण प्रक्रिया में भी गुणवत्ता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा है और पत्थर भरकर पुलिया बनाई जा रही है।
जनपद सदस्य ज्योति राजपूत ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि निर्माण कार्य को लेकर समाचार पत्रों में भी खबरें प्रकाशित हुई हैं, जिसके बाद ग्रामीणों में असंतोष और बढ़ गया है। उनका कहना है कि यदि घटिया सामग्री का उपयोग कर पुलिया का निर्माण किया गया तो यह कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त हो सकती है, जिससे शासकीय राशि का दुरुपयोग होने के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
पूर्व के निर्माण कार्यों की भी जांच की मांग
आवेदन में केवल वर्तमान पुलिया निर्माण ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत चौकड़ी और ग्राम लोधियाखेड़ी में पूर्व में कराए गए निर्माण कार्यों की भी जांच कराने की मांग की गई है। जनपद सदस्य का आरोप है कि पूर्व में पंचायत सचिव द्वारा कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठते रहे हैं, इसलिए सभी कार्यों का परीक्षण कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।
पांच प्रमुख मांगें रखीं
सीईओ जनपद पंचायत को दिए गए आवेदन में जनपद सदस्य ने निम्न मांगें प्रमुखता से रखी हैं—
निर्माणाधीन पुलिया कार्य की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए।
स्वीकृत प्रकरण इस्टीमेट एवं निर्माण गुणवत्ता का सत्यापन कराया जाए।
जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
दोषी पाए जाने वाले अधिकारी, कर्मचारी अथवा ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीणों में बढ़ रही नाराजगी
गांव के लोगों का कहना है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों का मानना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया गया तो भविष्य में पुलिया क्षतिग्रस्त होने से आवागमन प्रभावित होगा और शासन को दोबारा राशि खर्च करनी पड़ेगी।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
जनपद सदस्य द्वारा लिखित शिकायत दिए जाने के बाद अब पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। ग्रामीणों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जनपद पंचायत और संबंधित विभाग शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं तथा निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर क्या कार्रवाई करते हैं।
जनहित से जुड़ा मामला
ग्राम लोधियाखेड़ी की निर्माणाधीन पुलिया अब केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि शासकीय राशि के उपयोग, निर्माण गुणवत्ता और जवाबदेही का मुद्दा बन गई है। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो यह मामला विकास कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर सकता है। प्रशासन द्वारा समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
इनका कहना
प्राप्त आवेदन के आधार पर संबंधित मामले की जांच के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से जांच कराई जाएगी। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन गुणवत्तापूर्ण कार्यों एवं जनहित से जुड़े मामलों को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
सिद्धार्थ जैन, कलेक्टर हरदा

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