खिरकिया। नगर परिषद की जल वितरण व्यवस्था में वर्षों तक जिम्मेदारी और ईमानदारी से सेवा देने वाले इब्राहिम खान का 19 मई मंगलवार को देर रात भोपाल में उपचार के दौरान निधन हो गया। 20 मई बुधवार को उन्हें खिरकिया कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके चाहने वाले उन्हें बाबा एवं पटेल नाम से भी संबोधित करते थे। अंतिम यात्रा में नगर के सभी वर्गों के सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए और नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
इब्राहिम भाई को नगर में सेवा भावी, कर्मठ और मिलनसार व्यक्ति के रूप में जाना जाता था। उन्होंने हमेशा जात-पात और भेदभाव से ऊपर उठकर लोगों के बीच रहकर सहयोग और सेवा का कार्य किया। नगर परिषद की जल वितरण व्यवस्था में वे लंबे समय तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते रहे। अस्वस्थ होने से पहले तक उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। वे लॉक्ड इन सिन्ड्रोम नामक गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। बीमारी के दौरान में वे दृढ़ता से इस बीमारी से संघर्ष करते रहे। करीब 21 माह तक चली इस बीमारी में उनके पुत्रों ने समर्पण भाव से उनकी सेवा की। सीमित संसाधनों के बावजूद सुपुत्र शाहरुख और इमरान ने दिन-रात देखभाल कर पुत्र धर्म का उदाहरण प्रस्तुत किया। शाहरुख मंसूरी वर्तमान में कब्रिस्तान कमेटी के अध्यक्ष भी हैं तथा युवा सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में समाज में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
भोपाल में उपचार के दौरान समाजसेवी इब्राहिम खान का निधन, किसी के लिए बाबा तो किसी के लिए थे पटेल स्थानीय कब्रिस्तान खिरकिया में सुपुर्द-ए-खाक
