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हरदा-छीपाबड़ से नर्मदापुरम तक शानदार सफर, कंचन सिंह ठाकुर ने रचा सफलता का नया इतिहास, नर्मदापुरम की गौरव बनीं कंचन सिंह ठाकुर, के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार के लिए चयनित

कर्तव्यनिष्ठा, साहस और उत्कृष्ट पुलिसिंग का मिला सम्मान, बेटियों के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
हरदा नर्मदापुरम। पुलिस विभाग में उत्कृष्ट सेवा, अपराध नियंत्रण और जनविश्वास को मजबूत करने वाले अधिकारियों को दिए जाने वाले प्रतिष्ठित के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार के लिए वर्ष 2024 की अनुशंसा सूची पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जारी कर दी गई है। इस सूची में नर्मदापुरम जिले की कोतवाली थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर का चयन होना पूरे जिले के लिए गौरव और सम्मान का विषय बन गया है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार चयन प्रक्रिया में अधिकारियों और कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड, कर्तव्यनिष्ठा, साहसिक कार्यों, अपराध नियंत्रण में योगदान तथा फील्ड स्तर पर प्रभावी पुलिसिंग का विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है। विभागीय समीक्षा के बाद केवल उत्कृष्ट और उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को ही इस सम्मान के लिए चुना जाता है।
कंचन सिंह ठाकुर ने अपने कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जनसामान्य के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने कानून की सख्ती और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन बनाए रखा। वे जहां अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए जानी जाती हैं, वहीं पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उन्हें न्याय दिलाने के प्रयासों के लिए भी लोगों के बीच भरोसेमंद पहचान रखती हैं।
पुलिस सेवा को केवल नौकरी नहीं बल्कि चौबीस घंटे की जिम्मेदारी माना जाता है। इस जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए कंचन सिंह ठाकुर ने अनेक चुनौतियों का सामना किया और हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता दी। कठिन परिस्थितियों में लिए गए उनके निर्णयों और लगातार किए गए परिश्रम ने उन्हें यह प्रतिष्ठित मुकाम दिलाया है।
हरदा और छीपाबड़ में भी दे चुकी हैं सेवाएं
कंचन सिंह ठाकुर का नर्मदापुरम जिले से विशेष जुड़ाव रहा है। वे पूर्व में हरदा थाना एवं छीपाबड़ थाना में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा जनसामान्य के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हरदा और छीपाबड़ क्षेत्र के अनेक नागरिक आज भी उनकी कार्यशैली, त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील व्यवहार को याद करते हैं। यही अनुभव, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा उन्हें पुलिस विभाग के प्रतिष्ठित के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार तक लेकर पहुंची है।
यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि उन सभी बेटियों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर साकार करना चाहती हैं। कंचन सिंह ठाकुर ने यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण के साथ किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है।
के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार के लिए उनका चयन नर्मदापुरम जिले के लिए गर्व का क्षण है। उनकी इस उपलब्धि पर पुलिस विभाग, सामाजिक संगठनों और जिलेवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

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