हरदा । नगर के छीपाबड़ क्षेत्र स्थित वार्ड क्रमांक 15 में कावेरी वेयरहाउस के समीप एक कालोनाइजर द्वारा कथित रूप से सरकारी नाले पर मिट्टी और पत्थर डालकर निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। इस निर्माण कार्य से क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 के सौ से अधिक घरों पर बरसात के दौरान जलभराव और डूबने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय रहवासियों के अनुसार जिस नाले पर निर्माण कार्य किया जा रहा है वह वर्षों पुराना प्राकृतिक जल निकासी मार्ग है, जिसके माध्यम से बारिश का पानी आसानी से निकल जाता है। आरोप है कि कालोनाइजर ने अपने निजी स्वार्थ और कॉलोनी विकास के उद्देश्य से लगभग 10 फीट चौड़ी एवं 60 फीट लंबी जगह पर नाले में मिट्टी और बड़े-बड़े पत्थर डालकर उसका स्वरूप बदल दिया है। इससे नाले का बहाव बाधित हो रहा है।
रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस पर रोक नहीं लगाई तो आगामी बारिश में वार्ड 14 और 15 के करीब 100 से अधिक मकानों में पानी घुस सकता है। इससे न केवल लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान होगा बल्कि जनहानि की आशंका भी बनी रहेगी। क्षेत्रवासियों ने एसडीएम, तहसील प्रशासन एवं नगर परिषद से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य रुकवाने तथा सरकारी नाले को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे क्षेत्र को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद अनिल मालाकार ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सरकारी नाले पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले से जिला कलेक्टर एवं संभागायुक्त (कमिश्नर) को अवगत कराएंगे तथा क्षेत्र के नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग करेंगे।
पार्षद ने प्रशासन से आग्रह किया है कि बरसात से पहले मौके का निरीक्षण कर नाले को मूल स्वरूप में बहाल किया जाए, ताकि वार्डवासियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वार्ड 14 और 15 के सौ से अधिक घरों पर मंडराया डूबने का खतरा कालोनाइजर ने अपने स्वार्थ के चलते सरकारी नाले पर किया कब्जा, रहवासियों में भारी आक्रोश
