खिरकिया । ईद-उल-अजहा के पावन अवसर पर खिरकिया में मुस्लिम समाज द्वारा सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और गौ-संरक्षण को लेकर एक अनूठी मिसाल पेश की गई। ईद की नमाज और विशेष दुआ के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने हाथ उठाकर गौमाता की हिफाजत, संरक्षण और सम्मान का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी सद्भाव का मजबूत संदेश दिया। मुस्लिम समाज के लोगों ने एक स्वर में कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, श्रद्धा, आस्था और भावनाओं का प्रतीक है, इसलिए भारत सरकार गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करे। समाजजनों ने प्रदेश और देश में संचालित स्लॉटर हाउस बंद करने तथा गौवध और गौ-तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई। मुस्लिम समाज समिति के सदर मोहम्मद इस्माइल ने कहा कि हम ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे जिससे हमारे हमवतन भाइयों की भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा कि गाय की हिफाजत और संरक्षण के लिए मुस्लिम समाज सदैव आगे रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग गायों को बेसहारा छोड़ देते हैं या उन्हें कटने के लिए बेच देते हैं, उनके खिलाफ भी कठोर कानून बनाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी महेंद्र सिंह खनूजा ने मुस्लिम समाज की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम सामाजिक सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। उन्होंने कहा कि खिरकिया से निकला यह संदेश पूरे क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण तैयार करेगा और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाएगा। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुस्लिम समाज सहित अन्य समाजों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने मिलकर अमन, शांति और भाईचारे का संदेश दिया।
मुस्लिम समाज का सामूहिक संकल्प
हम तमाम मुस्लिम समाजजन अल्लाह को गवाह मानकर यह अहद करते हैं कि गौमाता के सम्मान, हिफाजत और संरक्षण के लिए सदैव आवाज उठाएंगे तथा समाज में अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम फैलाते रहेंगे।”
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच इस संकल्प का समर्थन किया। खिरकिया में ईद के मौके पर दिया गया यह संदेश सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
