24 घंटे में शेड खाली नहीं किए तो होगी बड़ी कार्रवाई, किसानों को मिलेगा शेड में स्थान
मंडी बोर्ड भोपाल की डीएस सविता झानिया के निरीक्षण के बाद हरकत में आया मंडी प्रशासन
हरदा। हरदा जिले की खिरकिया कृषि उपज मंडी में लंबे समय से चल रही अव्यवस्थाओं और किसानों की परेशानियों के बीच अब मंडी प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। कई दिनों से व्यापारियों द्वारा मंडी शेडों में माल की बड़ी-बड़ी थप्पियां लगाकर कब्जा जमाने और किसानों को खुले आसमान के नीचे उपज रखने को मजबूर करने के मामले में आखिरकार सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है।
कृषि उपज मंडी सचिव आपसिंह किराडे ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 16 व्यापारियों को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर शेड खाली करने के सख्त निर्देश दिए हैं। मंडी सचिव ने साफ चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में शेड खाली नहीं किए गए तो मंडी अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद मंडी परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई है। कई व्यापारी अपने माल को हटाने में जुट गए हैं, वहीं किसानों में पहली बार राहत और उम्मीद दिखाई दे रही है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से व्यापारी शेडों में माल जमा कर रखते थे, जिसके कारण किसानों को अपनी फसल खुले में रखनी पड़ती थी। बारिश और धूप से किसानों की उपज खराब होने का खतरा लगातार बना रहता था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे थे।
डीएस सविता झानिया के निरीक्षण के बाद बदले हालात
ज्ञात हो कि कुछ दिनों पहले मंडी बोर्ड भोपाल की डीएस सविता झानिया ने खिरकिया कृषि उपज मंडी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान मंडी की अव्यवस्थाएं खुलकर सामने आई थीं। किसानों की उपज खुले में और व्यापारियों का माल शेडों में जमा देखकर उन्होंने नाराजगी जताई थी। डीएस ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मंडी बोर्ड के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए और किसानों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि व्यापारियों का माल 24 घंटे से अधिक समय तक मंडी परिसर में नहीं रहना चाहिए, लेकिन खिरकिया मंडी में कई दिनों तक शेडों में अनाज की थप्पियां लगी रहती थीं। इसी के बाद मंडी सचिव आपसिंह किराडे ने सख्त रुख अपनाते हुए 16 व्यापारियों की सूची तैयार कर नोटिस जारी किए। मंडी प्रशासन की इस कार्रवाई को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
किसानों ने कहा – पहली बार दिखी सख्ती
मंडी में पहुंचे किसानों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह नियमों का पालन कराया गया तो किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए शेड मिल सकेंगे। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि लंबे समय से मंडी में कुछ व्यापारियों की मनमानी चल रही थी और नियम केवल कागजों तक सीमित थे।
मंडी सचिव बोले – अब नहीं चलेगी मनमानी
मंडी सचिव आपसिंह किराडे ने कहा कि मंडी परिसर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को सुविधा देना मंडी प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि व्यापारी निर्धारित समय में शेड खाली नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि मंडी प्रशासन की यह सख्ती कितने दिनों तक जारी रहती है और क्या वास्तव में किसानों को मंडी में उनका अधिकार और सुविधा मिल पाती है या फिर कार्रवाई केवल नोटिसों तक सीमित रह जाएगी।
