टेल क्षेत्र तक पानी नहीं पहुंचने पर किसानों का फूटा गुस्सा, प्रशासन और सिंचाई विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
हरदा। जिले के माचक नहर टेल क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के लिए पानी नहीं मिलने से किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सारसूद, बावड़ियां, पड़वा, तारापुर, पहेट और छीपाबड़ क्षेत्र के किसान पिछले चार दिनों से धरना प्रदर्शन पर डटे हुए हैं। किसानों का आरोप है कि 36 घंटे की औसराबंदी के बाद भी नहर के टेल क्षेत्र तक पानी नहीं पहुंच पाया, जबकि पिछले 10 दिनों से सिंचाई विभाग केवल आश्वासन देता आ रहा है।
धरने के चौथे दिन किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग की “सद्बुद्धि” के लिए सूखी नहर में बैठकर यज्ञ किया। इस दौरान किसानों ने अपनी सूखती मूंग फसल को “मृतप्राय” बताते हुए यज्ञ भगवान को मूंग की आहुति दी। विधि-विधान से पंडित राघवेंद्र जोशी द्वारा पूजा-अर्चना करवाई गई। किसानों ने भगवान से प्रार्थना की कि जिम्मेदार अधिकारियों को सद्बुद्धि मिले ताकि भविष्य में किसानों को इस प्रकार बर्बादी का सामना न करना पड़े।
धरना स्थल पर किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेता शंकर सिंह सोलंकी ने सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शाम पांच बजे के बाद अधिकारी अपने घर चले जाते हैं, किसानों के फोन तक नहीं उठाते, जबकि रातभर हेड क्षेत्र में पानी चोरी होता रहता है और उसका खामियाजा टेल क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ता है। किसानों ने मांग की कि लापरवाह अधिकारियों को तत्काल क्षेत्र से हटाया जाए और कलेक्टर स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें। किसानों ने कहा कि पूर्व में तत्कालीन कलेक्टर आदित्य सिंह ने नहरों का दौरा कर टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचवाया था, जिससे किसानों को राहत मिली थी। अब एक बार फिर किसान प्रशासन से हस्तक्षेप की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
धरने में प्रमुख रूप से शंकर सिंह सोलंकी, भूपेंद्र राजपूत, लालू राजपूत, गौरीशंकर राजपूत, कैलाश सिंह कलाम, बलवंत सिंह कलाम, बबलू राजपूत, शिवशंकर राजपूत, शुभम निकुम, कृष्णा राजपूत, शिवदान सोलंकी, आनंद चौहान, लोकेश सोलंकी, राहुल राजपूत, सरदार राजपूत, कैलाश राजपूत, दीवान जी, रामनाथ ठाकुर, रवि कलाम, वीरेंद्र कलाम, मुकेश मीना, रामशंकर मीना, सुरेंद्र राजपूत, पवन राजपूत, गोविंद पटेल, शुभम निराला, सहदेव राजपूत एवं सत्तू ठाकुर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे
“फसल बचाओ या मुआवजा दो”
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द टेल क्षेत्र तक पानी नहीं पहुंचाया गया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। किसानों का कहना है कि उनकी मूंग फसल पूरी तरह सूखने की कगार पर पहुंच चुकी है और यदि प्रशासन ने तत्काल कदम नहीं उठाए तो हजारों किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
माचक नहर में चौथे दिन भी उग्र रहा किसानों का धरना सूखी नहर में बैठकर किया यज्ञ, मूंग फसल की “आत्मा की शांति” के लिए दी आहुति
